UPSC Political Science (PSIR) Optional Question Paper 2020 (राजनीति विज्ञान)

UPSC Political science (PSIR) Optional Question Paper 2020: प्रश्न पत्र I

खण्ड- A

1. निम्नलिखित में से प्रत्येक पर लगभग 150 शब्दों में टिप्पणी लिखिए :

(a) राज्य का उत्तर उपनिवेशवादी सिद्धांत
(b) अवसर की समानता
(c) एक क्रांतिकारी विचार के रूप में उदारवाद
(d) संविधानवाद पर अंबेडकर के विचार
(e) मैकियाविली का धर्मनिरपेक्षता

2.(a) न्याय के यूनानी परिप्रक्ष्य के साथ न्याय की रावल्सियन अवधारणा का तुलनात्मक आकनल कीजिए।
(b) प्रतिनिधि लोकतंत्र का अभिप्राय है कि एक निकाय के रूप में लोगों को सरकारी नीति की सामान्य दिशा को नियंत्रित करने में सक्षम होना चाहिए। (जे. एस. मिल)। टिप्पणी कीजिए।
(c) राजनीतिक सिद्धांत में संपत्ति के अधिकार के महत्व का आकलन करें।

3. (a) गाँधीवाद के वैचारिक घटकों का विश्लेषण करें।
(b) शक्ति की प्रकृति और अर्थ की जाँच करें।
(c) प्राचीन भारतीय राजनीतिक चिंतन के स्रोतों की व्याख्या कीजिए।

4. (a) प्राचीन से समकालीन काल तक पाश्चात्य राजनीतिक चिंतन के क्रमागत उन्नति का अनुरेखन करें।
(b) राजनीतिक सिद्धांत के लिए एक निर्देशात्मक (normative) दृष्टिकोण के महत्व पर चर्चा करें।
(c) कार्ल मार्क्स की ‘वर्ग की अवधारणा’ का वर्णन करें।

खण्ड ‘B’

5. निम्नलिखित में से प्रत्येक का लगभग 150 शब्दों में उत्तर दीजिए :

(a) भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में समजवादियों की भूमिका
(b) समजीक असमानता पर भारतीय संविधान निर्माताओं की चिंता
(c) भारत में संवैधानिक उपचारों के अधिकार
(d) भारत में न्यायिक अतिक्रमण (overreach)
(e) अंतर राज्य विवादों को निपटाने के लिए तंत्र

6. (a) विगत दो दशकों में भारतीय चुनाव आयोग, और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षण की भूमिका एवं कार्य का परीक्षण करें।
(b) भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में उग्रवादी और क्रांतिकारी आंदोलनों की भूमिका का अनुरेखन करें।
(c) भारतीय संविधान के 73 वें और 74 वें संशोधनों ने किस हद तक महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है?

7. (a) क्या भारत में संघवाद, अपने कार्य प्रणाली में एकात्मक राज्य के रूप में प्रतीत होता है?
(b) क्या समकालीन भारतीय राजनीति में सरकार का झुकाव कार्यकारी की तरफ बढ़ा है? अपने तर्क दें।
(c) ‘भारतीय अर्थव्यवस्था का उदारीकरण पर्याप्त आर्थिक सुधारों के साथ नहीं हुआ है’। टिप्पणी करें।

8. (a) अपर्याप्त अंतर-दलीय लोकतंत्र ने भारतीय लोकतंत्र के काम काज को किस हद तक प्रभावित किया है?
(b) समकालीन समय में भारतीय चुनावी राजनीति में धर्म की भूमिका की जाँच करें।
(c) भारत में नागरिक स्वतंत्रता आन्दोलन की प्रकृति का परीक्षण करें।


UPSC Political science (PSIR) Optional Question Paper 2020: प्रश्न पत्र II

खण्ड- A

1. निम्नलिखित में से प्रत्येक पर लगभग 150 शब्दों में उत्तर दीजिए :

(a) तुलनात्मक राजनीति की विषयवस्तु की विवेचना कीजिए। तुलनात्मक राजनीतिक विश्लेषण की सीमाओं को रेखांकित कीजिए।
(b) भारतीय राज्यव्यवस्था के जंतन्त्रिकरण में उदार लोकतान्त्रिक सिद्धांतों के योगदान का विश्लेषण कीजिए।
(c) क्या विकासशील समाजों में विचितों की राजनीतिक प्रक्रिया में बढ़ती हुई भागीदारी ने प्रजातन्त्र को सुदृढ़ता प्रदान की है या इससे राजनीतिक अराजकता एवं संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हुई है? टिप्पणी कीजिए।
(d) दक्षिण वैश्विक राष्ट्रों के परिप्रेक्ष्य से उन पर पड़नेवाले वैश्वीकरण की प्रक्रिया के प्रभावों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
(e) अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के अध्ययन के लिए आदर्शवाद के दृष्टिकोण की मूल मान्यताएं क्या हैं? शांति स्थापना के लिए इसकी सतत प्रासंगिकता की व्याख्या कीजिए।

2. (a) शक्ति के संतुलन की संकल्पना की व्याख्या कीजिए। शक्ति के संतुलन को बनाए रखने के लिए कौन-कौन सी विभिन्न तकनीकें अपनाई जाती हैं?
(b) सामूहिक सुरक्षा को लेकर यू ० एन ० चार्टर के सिद्धांतों के प्रचालन से संबंधित चुनौतियों का वर्णन कीजिए।
(c) चीन एवं अमेरिका के बीच की रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता की दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र के लिए विवक्षा (मंशा) क्या है, समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।

3. (a) विकासशील देशों के समक्ष चुनौतियों को संबोधित करने के लिए गुटनिरपेक्ष आन्दोलन (नाम) को सुदृढ़ करने के तरीकों की विवेचना कीजिए।
(b) विश्व व्यापार संगठन के विवाद निष्पादन तंत्र में अमेरिका की भूमिका का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए तथा विश्व व्यापार संगठन के भविष्य के लिए इसकी मंशा (निहितार्थ) बताइए।
(c) विकासशील राष्ट्रों द्वारा नव अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था [न्यू इंटरनेशनल इकनॉमिक आर्डर (एन ० आइ ० ओ ०)] की मांग की सार्थकता एवं महत्व की व्याख्या कीजिए। क्या वे भावी भविष्य में एन ० आइ ० ओ० के उद्देश्यों को प्राप्त कर सकते हैं?

4. (a) संयुक्त राष्ट्रसंघ के सुरक्षा परिषद में सुधारों के महत्व एवं इसकी तात्कालिकता की विवेचना कीजिए। संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव अंतोनियों गुटरेस द्वारा विकासशील राष्ट्रों के लिए दिए गए सुधार प्रस्ताव की प्रासंगिकता की व्याख्या कीजिए।
(b) आर्थिक सहयोग एवं व्यापार के माध्यम से क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए आसियान की भूमिका का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।
(c) वैश्विक पर्यावरण संकट का सामना करने हेतु जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्रसंघ के फ्रेमवर्क कन्वेशन (यू० एन ० एफ ० सी ० सी ० सी ०)की भूमिका तथा संयुक्त राष्ट्रसंघ के अन्य मुख्य प्रयासों का परीक्षण कीजिए।

खण्ड ‘B’

5. निम्नलिखित में से प्रत्येक पर लगभग 150 शब्दों में उत्तर दीजिए :

(a) भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की संरचना एवं उसके प्रकार्य का वर्णन कीजिए। भारत की विदेश नीति के निर्माण में इसकी क्या भूमिका रहती है?
(b) सार्क क्षेत्र में व्यापार के कम मात्रा के होने के कारणों को रेखांकित कीजिए।
(c) भारत एवं बांग्लादेश के संबंधों पर जल-राजनीति (हाइड्रोपोलिटिक्स) के प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
(d) नए नेपाली मानचित्र के हाल के प्रकाशन में गलत तरीके से भारतीय भूखंड को नेपाल का हिस्सा दर्शाया गया है। इस संदर्भ में भारत एवं नेपाल के संबंधों के भविष्य की संभावनाओं की विवेचना कीजिए।
(e) सीमापार आतंकवाद (क्रॉस-बॉर्डर टेरिज्म) कैसे दक्षिण एशिया में शांति एवं सुरक्षा की उपलब्धियों को बाधित करता है?

6. (a) भारत-अफ्रीका संबंधों के मार्गदर्शक सिद्धांत किस तरह से भारत तथा अफ्रीका के मध्य सामंजस्य एवं आपसी सहयोग बढ़ते हैं?
(b) भारत एवं जापान के बीच हाल ही में हुई संधि या एक्विजिशन ऐंड क्रॉस-सर्विसिंग एग्रीमेंट (ए ० सी ० एस ० ए ०) की उल्लेखनीय विशेषताए क्या हैं? यह भारत की सुरक्षा चिंता का समाधान कैसे करेगा?
(c) भारत एवं अमेरिका की सनरिक साझेदारी (पार्टनरशिप) के महत्व तथा भारत की सुरक्षा एवं राष्ट्रीय प्रतिरक्षा के लिए इसके निहितार्थों की विवेचना कीजिए।

7. (a) वास्तविक नियंत्रण रेखा [लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एल० ए ० सी ०)] पर हाल की भारत एवं चीन के बीच उभरती हुई चुनौतियों से निपटने के लिए भारत की रक्षा एवं विदेश नीति के विकल्पों की व्याख्या कीजिए।
(b) संयुक्त राष्ट्रसंघ के सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता हेतु भारत के दावे के महत्व की व्याख्या कीजिए।
(c) भारत के पदिस से उभरती हुई सामरिक चुनौतियों के संदर्भ में, भारत द्वारा परमाणु हथियारों के प्रथम प्रयोग ँ करने (नो फर्स्ट यूज) की नीति की प्रभाविकता की विवेचना कीजिए।

8. (a) “भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अफगानिस्तान की युद्ध-स्थिति अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। यदि अमेरिका, अफगानिस्तान से निकल गया एवं जिहादी वहाँ विजिट हुए, तो भारत को उभरते हुए आतंकवाद का सामना करना पड़ेगा।” टिप्पणी कीजिए।
(b) भारत एवं इजराइल के बीच 2014 से सहयोग के मुख्य क्षेत्रों (सेक्टरों) को चिन्हित कीजिए। दोनों राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ बनाने में इनके सहयोग के महत्व का परीक्षण कीजिए।
(c) उभरती हुई वैश्विक व्यवस्था (वर्ल्ड ऑर्डर) को दिशा एवं स्वरूप प्रदान करने में भारत की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।


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