UPSC History Optional Question Paper 2023 in Hindi (इतिहास)

UPSC History Optional Question Paper 2023: प्रश्न-पत्र -I

खण्ड -A

खण्ड – A / SECTION — A

1. आपको दिए गए मानचित्र पर अंकित निम्नलिखित स्थानों की पहचान कीजिए एवं अपनी प्रश्न – सह उत्तर पुस्तिका में उनमें से प्रत्येक पर लगभग 30 शब्दों की संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। मानचित्र पर अंकित प्रत्येक स्थान के लिए स्थान निर्धारण संकेत क्रमानुसार नीचे दिए गए हैं :

(i) नवपाषाणकालीन स्थल
(ii) माँ और शिशु की मृण्मूर्ति का स्थल
(iii) गुप्त मुद्रा निधि
(iv) वानस्पतिक अवशेष स्थल
(v) मिट्टी की ईंटों से बने प्लेटफार्म वाला हड़प्पा स्थल
(vi) मौर्य तडाग स्थल
(vii) मैत्रक वंश की राजधानी
(viii) गोदीबाड़ा
(ix) शैलाश्रय
(c) पत्थर की कुल्हाड़ी का कारखाना
(xi) सातवाहन अभिलेख स्थल
(xii) अशोक का लघु शिलालेख
(xiii) बौद्ध स्तूप
(xiv) मध्यपाषाणकालीन स्थल
(xv) लोहा गलाने की कार्यशाला
(xvi) महापाषाणयुगीन स्थल
(xvii) सूर्य को समर्पित मंदिर स्थल
(xviii) रोमन कारखाना स्थल
(xic) मुवर कोइल (तीन मंदिर ) स्थल
(xx) महापाषाण लौह स्थल

2. (a) ‘नवपाषाण युग में हुए महत्त्वपूर्ण परिवर्तनों के कारण यह युग एक क्रांति का प्रतिनिधित्व करता है ।” परीक्षण कीजिए।

(b) सिंधु-सरस्वती सांस्कृतिक क्षेत्र में एकरूपता और विविधता दोनों ही प्रदर्शित होती हैं। विवेचना कीजिए ।

(c) भारतीय इतिहास में आर्यों की समस्या को निर्धारित करने में भाषाओं के तुलनात्मक अध्ययन, पुरातात्त्विक स्रोत और वृहद् वैदिक साहित्य कहाँ तक सहायक हैं? विवेचना कीजिए ।

3. (a) दक्षिण भारत के प्राचीन इतिहास की सामाजिक और सांस्कृतिक परम्पराओं का ज्ञान कराने में संगम साहित्य कहाँ तक सहायक है?
(b) मौर्य युग में स्थापित साम्राज्यवादी विचारधारा की रूपरेखा का विश्लेषण कीजिए ।
(c) पूर्वगुप्तयुगीन भारत की तुलना में गुप्त युग में महिलाओं की स्थिति का आकलन कीजिए।

4. (a) भक्ति आंदोलन के सिद्धान्तों, प्रसार और प्रभाव का मूल्यांकन कीजिए ।
(b) दक्षिण भारत के आरंभिक मंदिर स्थापत्य शैली की तुलना में चोलों का मंदिर निर्माण किस हद तक और भी अधिक परिष्कृत और भव्य दिखाई देता है ?
(c) क्या यह कहना उचित है कि भारत में धार्मिक मतों के विस्तार की दृष्टि से गुप्तोत्तर काल महत्त्वपूर्ण था ?

खण्ड -B

5. निम्नलिखित प्रश्नों में से प्रत्येक का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :

(a) भारतीय सामंतवाद के विभिन्न समर्थक तत्त्वों की विवेचना कीजिए ।
(b) अल्बेरुनी के द्वारा किए गए भारतीय समाज के आकलन के दोषों का परीक्षण कीजिए।
(c) इतिहास के प्रमुख साक्ष्य के रूप में सूफी साहित्य के महत्त्व का आकलन कीजिए ।
(d) दिल्ली सल्तनत के पतन हेतु आप किन कारकों को उत्तरदायी मानते हैं ?
(e) अलाउद्दीन खिलजी की कृषि नीति का उद्देश्य मध्यस्थ शक्तियों की सत्ता को नियंत्रित करना था । अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए उसके द्वारा अपनाए गए उपायों का परीक्षण कीजिए ।

6. (a) जहाँगीर के शासनकाल में मुगल दरबार की नीतियों में नूरजहाँ की भूमिका का विवेचन कीजिए ।
(b) बलबन ने दिल्ली सल्तनत के लिए ‘विस्तारित करने’ के स्थान पर ‘समेकित करने’ की नीति क्यों चुनी थी ?
(c) मुगल लघु चित्रकला में यूरोपीय चित्रकला की किन विशेषताओं का समावेश हुआ था ?

7. (a) मुगल साम्राज्य की अखण्डता के लिए मराठा एक महत्त्वपूर्ण खतरे की तरह खड़े थे । विवेचना कीजिए ।
(b) “हैदर अली साम्राज्य का निर्माण करने के लिए पैदा हुआ था और टीपू सुल्तान उसे खोने के लिए।” टिप्पणी कीजिए ।
(c) रंजीत सिंह के नेतृत्व में सिक्खों के उदय का विश्लेषण कीजिए ।

8. (a) मुगल वास्तुकला की प्रकृति समन्वयवादी थी। टिप्पणी कीजिए।
(b) अठारहवीं शताब्दी में भारत की अर्थव्यवस्था मंद अर्थव्यवस्था नहीं थी । विवेचना कीजिए ।
(c) अकबरकालीन मुगल राज्य की प्रकृति का विवेचन कीजिए ।


UPSC History Optional Question Paper 2023: प्रश्न-पत्र -II

खण्ड -A

1. निम्नलिखित कथनों में से प्रत्येक का लगभग 150 शब्दों में समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए :

(a) “उपनिवेशवाद का व्यापारीकरण पर अपना ही एक विकृत तर्क था, क्योंकि विश्लेषण करने पर यह ज्ञात होता है कि व्यापारीकरण प्रायः एक कृत्रिम और जबरन प्रक्रिया रही है । “
(b) 1857 के उपरांत, “कृषक आंदोलनों में किसान एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरते हैं ।”
(c) “भारतीय जनमानस की जागृत राजनीतिक चेतना तथा अंग्रेज़ों के असम्मानजनक और कायरतापूर्ण अपमान ने असहयोग आंदोलन को जन्म दिया ।”
(d) जब गाँधीजी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की तब उन्हें “बेसब्री से एक प्रभावी सूत्र की तलाश थी ।”
(e) ” सत्ता हस्तांतरण के समय अंग्रेज़ों द्वारा अपनी ज़िम्मेदारी का त्याग करना यदि संवेदनहीन था, तो जिस गति से उसे सम्पादित किया गया उससे वह और भी बुरा बन गया ।”

2. (a) कर्नाटक युद्धों, आंग्ल-मैसूर युद्धों और आंग्ल-मराठा युद्धों ने फ्रांस को दक्षिण भारत में वर्चस्व की प्रतिद्वंद्विता से वस्तुतः बाहर कर दिया । चर्चा कीजिए ।
(b) भारतीय परिषद विधेयक, 1861 को प्रस्तुत करते हुए अंग्रेज़ों का मत था कि भारत के लिए एकमात्र उपयुक्त सरकार ‘घर से नियंत्रित तानाशाही थी’ । टिप्पणी कीजिए ।
(c) नील विद्रोह के पीछे मूल प्रश्न ‘वह संघर्ष है जिसमें रैयतों को कीमत प्रदान किए बिना नील के पौधों को उगाने के लिए विवश करना’ था । विश्लेषण कीजिए ।

3. (a) क्या आप सहमत हैं कि ‘परम्परागत भारतीय कारीगरों के उत्पादन में गिरावट एक दुखद, परन्तु अवश्यंभावी तथ्य था ? विवेचना कीजिए ।
(b) भारत में आदिवासी और कृषक विद्रोहों का ऐतिहासिक महत्त्व ‘इस तथ्य में निहित है कि इन्होंने ब्रिटिश शासन का विरोध करने की एक सशक्त और महत्त्वपूर्ण परम्परा स्थापित की’ । विवेचना कीजिए ।
(c) ‘राजनीतिक प्रचार तथा राष्ट्रवादी विचारधारा के निर्माण और प्रसार’ शिक्षा के उद्देश्यों को प्राप्त करने हेतु प्रेस एक प्रमुख माध्यम बना । टिप्पणी कीजिए ।

4. (a) सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों का सर्वस्वीकृत दृष्टिकोण केवल एक ‘शुद्ध दार्शनिक चिंतन नहीं था; इसने तत्कालीन राजनीतिक और सामाजिक नज़रिए को अत्यधिक प्रभावित किया’ । परीक्षण कीजिए ।
(b) काँग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का मन्तव्य काँग्रेस से अलग होना नहीं था, अपितु ‘इसका उद्देश्य काँग्रेस और राष्ट्रीय आंदोलन को समाजवादी दिशा प्रदान करना था’ । विश्लेषण कीजिए ।
(c) गुटों में विभक्त हैदराबाद का दलित नेतृत्व किस प्रकार 1948 से 1953 के मध्य गहन पुनर्गठन के दौर से गुज़रा ?

खण्ड -B

5. निम्नलिखित कथनों में से प्रत्येक का लगभग 150 शब्दों में समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए :

(a) “अमेरिकी स्वतंत्रता का युद्ध अंततोगत्वा 1783 में तब समाप्त हुआ जब ब्रिटेन ने संयुक्त राज्य अमेरिका की स्वतंत्रता को स्वीकृति प्रदान की ।”
(b) ” चार्टिस्ट आंदोलन ने न केवल मध्य वर्ग की कुछ माँगों को पूरा किया, अपितु इसके प्रभावों को श्रमिक वर्ग और उपनिवेशों में भी महसूस किया गया ।”
(c) “1848 के आंदोलनों को प्रजातंत्र और राष्ट्रवाद के विचारों से गढ़ा गया था ।”
(d) “1867 से 1902 के मध्य दक्षिण अफ्रीका में ब्रिटिश साम्राज्यवाद काफी हद तक पूँजीवादी व्यवस्था द्वारा हीरों के खनन से प्रभावित था ।”
(e) “शीत युद्ध की समाप्ति के उपरांत यू. एस. ए. की प्रभुसत्ता की अपनी चुनौतियाँ भी थीं । “

6. (a) दार्शनिकों और विचारकों ने फ्रांसीसी क्रांति की नींव भले ही रखी हो, परन्तु यह सामाजिक और आर्थिक कारणों से उपजी थी । व्याख्या कीजिए ।
(b) मार्क्सवादी समाजवाद स्वयं को एक ऐसा वैज्ञानिक समाजवादी सिद्धांत मानता है जो मानव के इतिहास की व्याख्या करने में सक्षम है। विवेचना कीजिए ।
(c) ज्ञानोदय मात्र वैज्ञानिक क्रांति तक सीमित नहीं था, अपितु मानवतावाद और प्रगति के विचार भी इसके अभिन्न घटक थे । परीक्षण कीजिए ।

7. (a) मध्य वर्ग की विश्व दृष्टि पर औद्योगिक क्रांति का प्रभाव एडम स्मिथ, थॉमस माल्थस और जेरेमी बेन्थम के विचारों में प्रतिबिंबित होता है । टिप्पणी कीजिए ।
(b) 1848 से 1870 में रोम के कब्ज़े तक इटली के एकीकरण के विभिन्न चरणों की विवेचना कीजिए ।
(c) वर्साय की संधि में द्वितीय विश्व युद्ध के बीज समाहित थे । परीक्षण कीजिए ।

8. (a) “जब द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हुआ तब संयुक्त राष्ट्र संघ समय की आवश्यकता थी । ” इसकी उपलब्धियों और कमियों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए ।
(b) दक्षिण-पूर्व एशिया में उपनिवेश विरोधी आंदोलन की शुरुआत के ऐतिहासिक कारण थे सांस्कृतिक अंतर, पाश्चात्य शिक्षा का प्रसार तथा साम्यवादी विचारों का उद्भव । विवेचना कीजिए ।
(c) अरब राष्ट्रवाद मात्र एक सांस्कृतिक आंदोलन नहीं था, अपितु यह एक उपनिवेश विरोधी संघर्ष भी था । टिप्पणी कीजिए ।


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