- भारत के आधुनिकीकरण के सिद्धांत निर्माण में प्रो. योगेन्द्र सिंह के प्रमुख योगदान पर विस्तार से चर्चा करें। (2021)
- ‘सती’ प्रथा पर प्रतिबंध लगाने को औपनिवेशिक भारत में एक प्रमुख सामाजिक बुराई के विनाश का श्रेय दिया जाता है। “टिप्पणी। (2020)
- औपनिवेशिक प्रशासकों ने उसी परंपरावाद को बनाने में मदद की जिसने भारतीय समाज को ‘पिछड़ा’ बताया। आलोचनात्मक टिप्पणी करें। (2020)
- औपनिवेशिक भारत में चंपारण किसान आंदोलन की समाजशास्त्रीय गतिशीलता का परीक्षण करें। (2018)
- भारत में औपनिवेशिक शासन के दौरान सामाजिक-धार्मिक आंदोलनों का मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म में सुधार और उसका संश्लेषण करना था। ऐसे किन्हीं दो महत्वपूर्ण आंदोलनों के बारे में लिखिए। (2017)
- भारतीय परंपरा के आधुनिकीकरण पर योगेंद्र सिंह की थीसिस पर चर्चा करें और वर्तमान संदर्भ में इसकी प्रयोज्यता का मूल्यांकन करें। (2017)
- औपनिवेशिक काल के दौरान ब्राह्मणवाद विरोधी आंदोलनों पर समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य में संक्षिप्त नोट्स लिखें। (2016)
- भारत में सामाजिक परिवर्तन का विश्लेषण करने में भारतीय परंपरा के आधुनिकीकरण के प्रतिमान पर चर्चा करें। (2015)
- गांधीजी को उनकी पुस्तक हिंद स्वराज के माध्यम से एक नैतिकतावादी, तपस्वी और कर्मठ व्यक्ति के रूप में विश्लेषित करें। (2015)
- निम्नलिखित पर समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य में लगभग 150 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखें: भारतीय परंपराओं का आधुनिकीकरण। (2014)
- भारतीय राष्ट्रवाद की सामाजिक पृष्ठभूमि पर चर्चा करें। (2014)
Subscribe
0 Comments
Oldest
