ज्वालामुखीयता की अवधारणा पर चर्चा करें और दिखाएँ कि प्लेट टेक्टोनिक्स का सिद्धांत ज्वालामुखी और ज्वालामुखी विस्फोट के तंत्र को कैसे समझाता है। (1998)
महाद्वीपीय बहाव सिद्धांत और प्लेट टेक्टोनिक्स सिद्धांत के बीच अंतर स्पष्ट करें। (1999)
प्लेट टेक्टोनिक्स के सिद्धांत के संदर्भ में, विश्व की यंग फोल्ड पर्वत प्रणालियों की उत्पत्ति और विकास की व्याख्या करें। (2000)
आइसोस्टेसी के सिद्धांत का आलोचनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करें। (2001)
डेविस द्वारा प्रतिपादित “भौगोलिक चक्र” मॉडल की आलोचना प्रस्तुत करें। (2002)
संक्षिप्त टिप्पणी लिखें: जियोसिंक्लाइन. (2002)
तटीय क्षेत्रों से जुड़े भू-आकृतियों के क्रमिक विकास की व्याख्या करें। (2003)
उन भू-आकृतियों का वर्णन करें जो अंतर्जात बलों के उत्पाद हैं। ( 2004)
संक्षिप्त टिप्पणी लिखें: पेनेप्लेन ( 2004)
“भूमिरूपों के विकास में संरचना प्रमुख नियंत्रक कारक है।” उपयुक्त उदाहरणों के साथ चर्चा करें। (2005)
पृथ्वी के आंतरिक भाग के अध्ययन में भूकंपीय तरंगों की भूमिका पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। (2005)
ए. वेगेनर की महाद्वीपीय बहाव परिकल्पना का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें। (2006)
आइसोस्टैसी की अवधारणा को परिभाषित करें और एरी और प्रैट के सिद्धांतों पर चर्चा करें । (2007)
भूआकृतिक चक्र की अवधारणा की आलोचनात्मक जांच करें और डब्ल्यू.एम. डेविस और डब्ल्यू. पेनक के विचारों पर चर्चा करें। (2008)
समुद्रतल प्रसार सिद्धांत पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। (2008)
अपरदन के दूसरे चक्र के अंतर्गत स्थलाकृतियों में अनिवार्य रूप से पाई जाने वाली भू-आकृतिक विशेषताओं पर प्रकाश डालें । (2009)
प्रमुख भूमि बायोम और उनके अक्षांशीय वितरण का संक्षिप्त विवरण दीजिए। (2009)
ढलान विकास पर एल.सी. किंग द्वारा दिए गए विचारों पर चर्चा करें। ( 2009)
कार्स्ट स्थलाकृति के विकास के लिए आवश्यक शर्तों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। ( 2010)
पृथ्वी के आंतरिक भाग की संरचना निर्धारित करने में भूकंपीय अध्ययन की प्रासंगिकता को सामने लाएँ। (2010)
“अपक्षय एक जटिल घटना है जिसमें कई प्रक्रियाएँ शामिल होती हैं और यह विभिन्न कारकों से प्रभावित होती है।” विस्तार से बताइए। (2010)
भूचुंबकत्व और पुराचुंबकत्व पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। (2011)
जलवायु द्वारा नियंत्रित अपरदन कारकों के नाम बताइए। पदार्थ के गुणों के संदर्भ में वे किस प्रकार भिन्न हैं, इसकी व्याख्या कीजिए। उनमें से प्रत्येक द्वारा निर्मित भू-आकृतियों की तुलना कीजिए। (2011)
एरी और प्रैट द्वारा प्रतिपादित आइसोस्टैसी की अवधारणा की व्याख्या करें। ( 2011)
महाद्वीपीय बहाव के पैलियोज़ोइक हिमनद साक्ष्य पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखें। ( 2012)
भू-आकृति विश्लेषण के लिए प्रणाली दृष्टिकोण पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखें। (2012)
आईजीपीबी के प्रमुख घटकों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। (2012)
बताएं कि कैसे बोशे और हाल्डेनहैंग ढलान प्रतिस्थापन के सिद्धांत की ओर ले जाते हैं । (2012)
निम्नलिखित का उत्तर दें: क्षरण के मानक एपिजीन चक्र की विशेषताएं। ( 2012)
संक्षिप्त टिप्पणी लिखें: डेविस के सामान्य चक्र और शुष्क चक्र के बीच अंतर। ( 2013)
अत्यंत नूतन हिमकाल का पृथ्वी की पर्पटी पर प्रभाव। संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। (2013)
शब्द ‘विसर्प’ (मिएन्डर) की परिभाषा दीजिए तथा गंभीरीभूत विसर्प (इंट्रेंच्ड़ मिएन्डर) और अन्तःकर्तिक विसर्प (ईंग्रोन मिएन्डर) के बुनियादी अभिलक्षणो का वर्णन कीजिए। ( 2014)
प्लेट विवर्तनिकी (प्लेट टेक्टोनिक्स) की संकल्पना को स्पष्ट कीजिए। यह हिमालय और अपलेशियन पर्वतों के विरचन की व्याख्या करने में किस प्रकार सहायक है? (2014)
अपरदन पृष्टों की संकल्पना को स्पष्ट कीजिए और उनके विकास के उत्तरदायी कारकों पर प्रकाश डालिए। ( 2014)
कटिबंधीय दृष्टिकोण से भू-आकृतिक प्रक्रमों का वर्गीकरण लिखिए। ( 2015)
भू-आकृति विज्ञान में, भूपृष्ठीय अनाच्छादन (सब-एरियल डिन्यूडेशन) के अमेरिकी संप्रदाय के योगदानों की विवेचना कीजिए। (2015)
सोदाहरण व्याख्या कीजिए कि चैनल गतिकी जलोढ़ पंखों एवं शंकुओं के विकास के लिए किस प्रकार उत्तरदायी बनी रही है। ( 2015)
“वर्तमान-काल के स्थल रूपों (लैंडफॉर्म्स )में सरलता की अपेक्षा जटिलता अधिक है।” सविस्तार स्पष्ट कीजिए। ( 2015)
“अंडों की टोकरी” की स्थलाकृति का वर्णन करें। ( 2016)
“पेडीप्लेनेशन’ की संकल्पना की व्याख्या करने में किंग ने डेविस, पेन्क और वुड के विचारों के साथ अपने विचार जोड़े था।” सविस्तार समझाइए। ( 2016)
“भूवैज्ञानिक संरचना का भू-आकृतियों पर प्रभावी नियंत्रण होता है और यह उनमें प्रतिबिंबित भी होती है।” चर्चा कीजिए।(2016)
कूटज्वालामुखीय लक्षणों पर टिप्पणी लिखिए। (2017)
“ढाल पेबन्धन में ढाल विश्लेषण के ज्ञान का सीमित क्षेत्रीय उपयोग है।” व्याख्या कीजिए। ( 2017)
पेल्टियर द्वारा प्रतिपादित परिहिमानी चक्र की संकल्पना का विवेचन कीजिए। (2017)
“जलवायु, ढाल प्रवणता तथा शैल संरचना चैनलों के भू-अपदारण को प्रभावित करते हैं।” व्याख्या कीजिए। (2017)
“दृश्यभूमि (लैंडस्केप) संरचना, प्रक्रम और अवस्था का एक प्रकार्य होता है।” कथन की समीक्षा कीजिए। (2018)
मूल्यांकन कीजिए कि कोबर की भू-अभिनतिक थियोरी पर्वत निर्माण प्रक्रम की किस सीमा तक व्याख्या करती है। (2018)
“भू-आकृति विज्ञान संबंधी परिवर्तन हिमालयी क्षेत्र में पर्यावरणीय खतरों के लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं।” प्रासंगिक उदाहरणों के साथ टिप्पणी करें। (2018)
अग्राशय विस्फोटों और उनके परिणामों का वर्णन कीजिए। (2019)
रेत के स्पिट और टोम्बोलो कैसे बनते हैं? (2019)
विभिन्न प्रकार की प्लेट सीमाओं के बीच समानताएं और विषमतायें स्पष्ट कीजिए। (2019)
भूकंपों की तीव्रता व परिमाण मापने की विधियों की विवेचना कीजिए। भूकम्पी क्षेत्रों का सीमांकन कैसे किया जाता है? ( 2019 )
भूजलवैज्ञानिक अनुसंधानों को विश्लेषित करने के लिए मानचित्रण क्यों महत्वपूर्ण है? प्रासंगिक उदाहरणों सहित व्याख्या कीजिए। (2020)
विभिन्न सिद्धांतों और मॉडलों का उपयोग करके महाद्वीपों और महासागरों के विकास पर एक निबंध लिखें। (2020)
अपरदन पृष्ठों की समस्याओं की विवेचना कीजिए और उपयुक्त चित्रों सहित उनको पहचानने की विभिन्न विधायों की व्याख्या कीजिए। (2020)
उच्चस्थ समतलन (आल्टीप्लेनेसन) अवधारणा का वर्णन कीजिए। (2021)
प्लेट विवर्तनिकी की संकल्पना, समस्थिति और महाद्वीपीय अपवाह सिद्धांत (ड्रिफ्ट थ्योरी) से लिया गया है। उपयुक्त उदाहरण देते हुए विस्तार से बताइए। (2021)
जलग्रहण क्षेत्र को परिभाषित करने के लिए जलधारा बेसिन और जल निकासी विभाजन महत्वपूर्ण घटक हैं। समझाइए। (2021)
‘स्पेलियोथेम’ को परिभाषित कीजिए। स्पेलियोथेम के विभिन्न रूपों एवं लक्षणों की चर्चा कीजिए। (2022)
सरिता आकारिकी के विविध पहलुओं का ज्ञान किस प्रकार परिवहन,बस्ती एवं भूउपयोग नियोजनों तथा बाढ़ नियन्त्रण एवं बाढ़ प्रबंधन में उपयोग किया जाता है वर्णन कीजिए। (2022)
भूदृश्य विकास में ढलान, ऊँचाई और राहत (एसएआर) की भूमिका पर चर्चा करें। (2022)
उचित आरेखों की सहायता से पर्वत निर्माण एवं पर्वत के प्रकारों का वर्णन कीजिए। विश्व के विविध पर्वत तंत्रों से उदाहरण प्रस्तुत कीजिए। (2022)
“भू-विक्षेपी वायु क्या है” ? वायुदाब ढाल एवं वायु परिसंचरण के मध्य सम्बन्ध को स्पष्ट कीजिये । (2023)
“पुराचुम्बकत्व एवं समुद्र अधस्तल प्रसरण के साक्ष्यों ने प्रमाणित किया है कि महाद्वीप एवं महासागर द्रोणी कभी स्थिर नहीं रहे ।” समुचित रेखाचित्रों द्वारा व्याख्या कीजिये । (2023)
समप्राय भूमि को परिभाषित कीजिए । विभिन्न भू-आकृतिक चक्रों के अंतर्गत समप्राय भूमि के साथ जुड़ी हुई दृश्यभूमि विशेषताओं का वर्णन कीजिए । (2023)
‘रुंडित पर्वत-स्कन्ध’ क्या होते हैं ? ये कहाँ और कैसे बनते हैं ? (2024)
पर्वत निर्माणकारी प्रक्रिया के नवीनतम दृष्टिकोणों का परीक्षण कीजिए तथा विश्व के पर्वतों को उनकी उत्पत्ति के आधार पर विभाजित कीजिए । (2024)
याज़ू धारा किसे कहते हैं ? याज़ू द्रोणी बार-बार बाढ़ के क्षेत्र क्यों हैं ? विश्व के विभिन्न भागों से धारा/क्षेत्रों के उदाहरण दीजिए ।(2024)