- आधुनिक समाज में विज्ञान और धर्म के बीच सम्बन्ध की प्रकृति क्या है ? उपयुक्त उदाहरणों के साथ इसका विश्लेषण कीजिए ।(2025)
- कामकाज एवं रोज़गार की प्रकृति पर तकनीकी प्रगति एवं स्वचालन के प्रभावों का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।(2024)
- पुराने समय से चली आ रही वर्जनाओं और अन्धविश्वासों को दूर करने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका का परीक्षण कीजिए ।(2023)
- समाजशास्त्री समावेशी विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण की वकालत करते हैं। टिप्पणी करें। (2022)
- कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने में हमें सक्षम बनाने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका का वर्णन करें। (2021)
- क्या मानवता प्रकृति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी की दया पर निर्भर है? महामारी की स्थिति के आलोक में टिप्पणी करें। (2020)
- सामाजिक परिवर्तन लाने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका का आलोचनात्मक विश्लेषण करें। (2017)
- प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग से भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति किस प्रकार बदल रही है? (2014)
- सामाजिक परिवर्तन के एजेंट के रूप में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का परीक्षण करें। (150 शब्द) (2013)
- “विज्ञान और प्रौद्योगिकी सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया को गति देने वाली प्रमुख ताकतें हैं।” टिप्पणी (2011)
- “नई तकनीकी क्रांति के आगमन के साथ श्रमिक वर्ग में पर्याप्त गिरावट आई है और गैर-शारीरिक नौकरियों में श्रम शक्ति में वृद्धि हुई है।” आलोचनात्मक परीक्षण करें। (2010)
- विज्ञान की सामाजिक जिम्मेदारी के विचार को स्पष्ट करें। विकासशील समाजों में पिछड़ेपन को दूर करने के संदर्भ में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास के सामाजिक परिणामों का विश्लेषण करें। (2006)
- भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सामाजिक परिणाम पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। (2005)
- संक्षिप्त टिप्पणी लिखें : विज्ञान और सामाजिक उत्तरदायित्व (2004)
- भारत में नई प्रौद्योगिकियों का सामाजिक प्रभाव पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। (2003)
- संक्षिप्त टिप्पणी लिखें: विज्ञान का लोकाचार (2002)
- प्रौद्योगिकी में परिवर्तन के सामाजिक परिणामों की जाँच करें। अपने उत्तर को नई उत्पादक प्रक्रियाओं और उपकरणों के उदाहरणों से स्पष्ट करें। (1998)
- संक्षिप्त टिप्पणी लिखें: विज्ञान और सामाजिक व्यवहार (1989)
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