UPSC Hindi Literature Optional Paper-1 2025: हिंदी साहित्य प्रथम प्रश्न पत्र
खण्ड ‘A’
1. निम्नलिखित पर टिप्पणियाँ लिखिए (प्रत्येक लगभग 150 शब्दों में ) :
(a) अपभ्रंश और अवहट्ट की व्याकरणिक संरचना के मुख्य अंतर
(b) सिद्ध-नाथ साहित्य में प्रयुक्त खड़ी बोली का आरंभिक रूप
(c) हिन्दी भाषा के मानकीकरण की वर्तमान चुनौतियाँ
(d) भाषा और बोली में अंतर(e) मध्यकाल में अवधी और ब्रजभाषा का साहित्यिक अंतर्सम्बन्ध
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(a) 19वीं सदी के खड़ी बोली आंदोलन के ऐतिहासिक कारकों और उपलब्धियों की विवेचना कीजिए ।
(b) राष्ट्रीय भाषा के रूप में हिन्दी के सामने उपस्थित वर्तमानकालीन चुनौतियों पर प्रकाश डालिए ।
(c) संत साहित्य में प्रयुक्त खड़ी बोली के स्वरूप की सोदाहरण चर्चा कीजिए ।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(a) मानक हिन्दी की व्याकरणिक संरचना की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? किस सीमा तक इसे संस्कृत की व्याकरणिक संरचना पर आधारित कहा जा सकता है?
(b) ब्रजभाषा के विकास में सूर-पूर्व कवियों के योगदान पर टिप्पणी कीजिए ।
(c) देवनागरी लिपि के मानक रूप का परिचय देते हुए मानकीकरण हेतु किये गये प्रमुख प्रयत्नों की चर्चा कीजिए ।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(a) स्वाधीनता आंदोलन ने जनभाषा के रूप में हिन्दी के विकास को किस तरह प्रभावित किया ?
(b) जायसी और तुलसीदास द्वारा प्रयुक्त अवधी के रूपों में मुख्य अंतरों की सोदाहरण विवेचना कीजिए ।
(c) खुसरो के साहित्य में प्रयुक्त हिन्दी की विशेषताएँ लिखिए ।
खण्ड – B
5. निम्नलिखित पर टिप्पणियाँ लिखिए (प्रत्येक लगभग 150 शब्दों में) :
(a) हिन्दी उपन्यास और यथार्थवाद
(b) कबीर की लोकोन्मुखता
(c) दिनकर की सामाजिक चेतना
(d) सिद्ध साहित्य का परवर्ती हिन्दी साहित्य पर प्रभाव
(e) हेमचंद्र की कविता
6. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(a) कृष्णा सोबती के उपन्यासों की स्त्री- दृष्टि पर वर्तमान स्त्री-विमर्श के संदर्भ में विचार कीजिए ।
(b) विद्यापति की आध्यात्मिकता पर आचार्य रामचंद्र शुक्ल की टिप्पणी की समीक्षा कीजिए ।
(c) विजयदेव नारायण साही द्वारा किये गये जायसी के मूल्यांकन की समीक्षा कीजिए ।
7. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(a) प्रगतिवादी आलोचना को वर्तमान समय में किस प्रकार की चुनौतियाँ मिल रही हैं? सोदाहरण विवेचना कीजिए ।
(b) ‘हिन्दी नवजागरण’ की उपलब्धियों और सीमाओं पर विचार कीजिए ।
(c) हिन्दी नई कहानी की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए ।
8. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(a) हिन्दी रंगमंच के विकास से संबंधित प्रमुख बहसों की विवेचना कीजिए ।
(b) मोहन राकेश के नाटकों में व्यक्त आधुनिक मनुष्य के नैतिक द्वंद्वों की विवेचना कीजिए ।
(c) हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन में दलित विमर्श के हस्तक्षेप की समीक्षा कीजिए ।
UPSC Hindi Literature Optional Paper-2 2024: हिंदी साहित्य द्वितीय प्रश्न पत्र
खण्ड ‘A’
Q1. निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए (उत्तर स्वयं की भाषा में लिखिए) :
निम्नलिखित काव्यांशों की सप्रसंग व्याख्या लगभग 150 शब्दों (प्रत्येक ) में कीजिए :
(a) तात राम नहिं नर भूपाला ।
भुवनेस्वर काल कर काला ।।
ब्रह्म अनामय अज भगवंता ।
ब्यापक अजित अनादि अनंता ।।
(b) कुहुकि कुहुकि जसि कोइल रोई ।
रकत आँसु घुँघुची बन बोई ।।
पै कर मुखी नैन तन राती ।
को सिराव बिरहा दु:ख ताती ।।
(c) विषमता की पीड़ा से व्यस्त,
हो रहा स्पंदित विश्व महान ।
यही दु:ख सुख विकास का सत्य,
यही भूमा का मधुमय दान ।
(d) विचलित होने का नहीं देखता मैं कारण,
हे पुरुषसिंह, तुम भी यह शक्ति करो धारण,
आराधन का दृढ़ आराधन से दो उत्तर
तुम वरो विजय संयत प्राणों से प्राणों पर ।
(e) सुना आपने जो वह मेरा नहीं,
न वीणा का था:
वह तो सब कुछ की तथता थी
महाशून्य, वह महामौन
अविभाज्य, अनाप्त, अद्रवित, अप्रमेय
जो शब्दहीन सब में गाता है ।
Q2. निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(a) ‘कबीर ग्रन्थावली’ के आधार पर कबीर के आध्यात्मिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालिए ।
(b) “कवितावली के उत्तरकाण्ड में मध्यकाल के भयावह यथार्थ की समीक्षा की गई है” – इस कथन की सत्यता को स्पष्ट कीजिए ।
(c) ‘भारत-भारती’ में अभिव्यक्त राष्ट्रीय चेतना का स्वरूप विश्लेषण कीजिए ।
Q3.निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(a) “कामायनी आधुनिक सभ्यता का प्रतिनिधि महाकाव्य है” – स्पष्ट कीजिए ।
(b) “युद्ध की समस्या मनुष्य की सारी समस्याओं की जड़ है” – दिनकर के ‘कुरुक्षेत्र’ काव्य के आधार पर इस कथन की सार्थकता पर प्रकाश डालिए ।
(c) “विश्व की विभूति में मन को रमाने का जैसा अवसर भक्ति भावना में है; वैसा अन्त: साधना में नहीं” – सूरदास कृत ‘भ्रमरगीत’ के आधार पर इस कथन की युक्तिसंगत समीक्षा कीजिए ।
Q4. निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(a) “बिहारी की कविता श्रृंगारी है किन्तु प्रेम की उच्च भूमि पर नहीं पहुँच पाती” – इस कथन की सम्यक् विवेचना कीजिए ।
(b) ‘कुकुरमुत्ता’ कविता के मूल प्रतिपाद्य को स्पष्ट कीजिए ।
(c) ‘ब्रह्मराक्षस’ कविता की प्रतीक योजना पर प्रकाश डालिए ।
खण्ड – B
Q5. निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
निम्नलिखित अवतरणों की सप्रसंग व्याख्या लगभग 150 शब्दों (प्रत्येक) में कीजिए :
(a) मैं जीवन में पहली बार समझ पाई कि क्यों कोई पर्वत शिखरों को सहलाती मेघ-मालाओं में खो जाता है, क्यों किसी को अपने तन-मन की अपेक्षा आकाश में बनते- मिटते चित्रों का इतना मोह हो रहता है।
(b) कविता ही हृदय को प्रकृत दशा में लाती है और जगत के बीच क्रमश: उसका अधिकाधिक प्रसार करती हुई उसे मनुष्यत्व की उच्च भूमि पर ले जाती है ।
(c) जिस तरह मर्द के मर जाने से औरत अनाथ हो जाती है, उसी तरह औरत के मर जाने से मर्द के हाथ-पाँव टूट जाते हैं ।
(d) राष्ट्रनीति, दार्शनिकता और कल्पना का लोक नहीं है । इस कठोर प्रत्यक्षवाद की समस्या बड़ी कठिन होती है ।
(e) ..काले साँप का काटा आदमी बच सकता है, हलाहल ज़हर पीने वाले की मौत रुक सकती है, किन्तु जिस पौधे को एक बार कर्मनाशा का पानी छू ले, वह फिर हरा नहीं हो सकता। छू
Q6. निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(a) “‘कविता क्या है’ निबंध काव्य के सर्वांगपूर्ण विवेचन की दृष्टि से अद्वितीय बन पड़ा है ” – इस कथन की सत्यता पर प्रकाश डालिए ।
(b) “प्रसाद के नाटक भारत के इतिहास का पुनर्निर्माण करते हैं।” ‘स्कन्दगुप्त’ नाटक के आधार पर इस कथन की सोदाहरण समीक्षा कीजिए ।
(c) भारतीय ग्रामीण जीवन को वैध सम्मान दिलाने की दृष्टि से ‘मैला आँचल’ उपन्यास की समीक्षा कीजिए ।
Q7. निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(a) “’भारत दुर्दशा’ अतीत गौरव की चमकदार स्मृति है; आँसू भरा वर्तमान है और भविष्य निर्माण की प्रेरणा है । ” – इस कथन की समीक्षा कीजिए ।
(b) ‘गोदान’ उपन्यास के मूल प्रतिपाद्य पर प्रकाश डालिए
(c) ‘भोलाराम का जीव’ कहानी के माध्यम से हरिशंकर परसाई की व्यंग्य चेतना स्पष्ट कीजिए ।
Q8. निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(a) ‘तुलसी साहित्य के सामंत विरोधी मूल्य, निबन्ध के आधार पर डॉ. रामविलास शर्मा की तुलसी-विषयक मान्यताओं की समीक्षा कीजिए ।
(b) ‘आषाढ़ का एक दिन’ नाटक के आधार पर लेखक के नारी संबंधी दृष्टिकोण पर प्रकाश डालिए ।
(c) “‘महाभोज’ उपन्यास राजनीति और अपराध के आपसी गठजोड़ पर करारा प्रहार करता है”
