UPSC Anthropology Optional Question Paper 2022: प्रश्न पत्र I
खण्ड ‘A’
1. निम्नलिखित पर लगभग 150 शब्दों (प्रत्येक) में टिप्पणियाँ लिखिए :
1.(a) औपचारिकतावादी और मूलवादी दृष्टिकोणों के बीच वाद-विवाद
1.(b) भारतीय उपमहाद्वीप में मध्यपाषाण शैल कला
1.(c) सामाजिक प्रस्थिति, भूमिका और संस्था पर रैडक्लिफ़-ब्राउन के विचार
1.(d) आनुवंशिक परामर्श में वंशवृक्ष विश्लेषण
1.(e) सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (पी.आर.ए.) और सहभागी अधिगम एवं कार्य (पी.एल.ए.)
2.(a) “नृविज्ञान हर देश-काल में मानवजाति का व्यवस्थित, वस्तुनिष्ठ एवं समग्र अध्ययन है”। तर्क का विस्तार कीजिए।
2.(b) प्राइमेट सामाजिक संगठन के विभिन्न स्वरूपों की चर्चा कीजिए।
2.(c) पर्यावरणीय परिकल्पना के संदर्भ में उपयुक्त उदाहरणों के साथ भारतीय पुरापाषाण उद्योग में टाइपो-तकनीकी समस्याओं की चर्चा कीजिए।
3.(a) उपयुक्त उदाहरणों का उल्लेख करते हुए, चर्चा करें कि वंश के नियम मातृवंशीय समाज में निवास के सिद्धान्तों का खण्डन कैसे करते हैं?
3.(b) भारतीय सूक्ष्म पाषाण उद्योग में पशुपालन के साक्ष्यों का उल्लेख कीजिए।
3.(c) क्या हमें अभी भी ‘उत्कृष्ट’ और ‘प्रगतिशील’ प्रकार के नियंडरथल के बीच अन्तर करना चाहिए? मानव विकास में नियंडरथल के स्थान से संबंधित विवाद की विवेचना कीजिए।
4.(a) हीथ और कार्टर ने कार्यप्ररूप का आकलन करने के लिए किसी व्यक्ति की तस्वीरों के बजाय मानवमितीय माप का उपयोग क्यों किया? उनकी विधि का वर्णन कीजिए।
4.(b) ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भों पर चर्चा करें, जिसके कारण नृविज्ञान में प्रजातिकेन्द्रिकता से सांस्कृतिक सापेक्षवाद का अधिग्रहण हुआ।
4.(c) कुला मुद्रिका के बारे में विभिन्न मानवशास्त्रीय व्याख्याओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
खण्ड – B
5. निम्नलिखित पर लगभग 150 शब्दों (प्रत्येक) में टिप्पणियाँ लिखिए :
5.(a) संतुलित तथा संक्रमणकालीन पारिस्थितिकी तंत्र
5.(b) आनुवंशिक इम्प्रिन्टिंग तथा मानव रोग
5.(c) मानव के प्रसवपूर्व विकास की अवस्थाएँ
5.(d) शामन, जादूगर तथा औषधि-पुरुष
5.(e) परिवार तथा घरेलू समूह
6.(a) राज्यविहीन तथा राज्ययुक्त समाजों के राजनीतिक संगठन की तुलना कीजिए। उपयुक्त नृवंशविज्ञानिक उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिए। (20)
6.(b) “वर्तमान विश्व में राज्य की प्रासंगिकता क्या है?” राज्यविहीन समाजों के संदर्भ में विवेचना कीजिए। (15)
6.(c) मानव स्त्रियों में रजोनिवृत्ति (Menopause) के अस्तित्व की विभिन्न परिकल्पनाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (15)
7.(a) किसी जनसंख्या की आनुवंशिक विविधता को बनाए रखने में आनुवंशिक बहाव (Genetic Drift) की भूमिका का विवेचन कीजिए। (20)
7.(b) विगत दशकों में विश्व मानवशास्त्र में हुए परिवर्तनों के आलोक में भारतीय मानवशास्त्र के विकास का वर्णन कीजिए। (15)
7.(c) लेस्ली व्हाइट, जूलियन स्टीवर्ड तथा मार्शल साहलिन्स के सांस्कृतिक विकास संबंधी विचारों की तुलना कीजिए। (15)
8.(a) जनसंख्या की जैविक विविधता के अध्ययन में आणविक बहुरूपताओं (Molecular Polymorphisms) की उपयोगिता की विवेचना कीजिए। (20)
8.(b) एच.एल.ए. (HLA) प्रणाली क्या है? यह रक्त समूह प्रणाली से किस प्रकार भिन्न है? (15)
8.(c) रक्षा सेवाओं के लिए उपकरणों एवं सैनिकों के उपयोग की वस्तुओं के अभिकल्पन (Design) में मानवशास्त्रीय ज्ञान की उपयोगिता की विवेचना कीजिए। (15)
UPSC Anthropology Optional Question Paper 2022: प्रश्न पत्र II
खण्ड ‘A’
1. निम्नलिखित प्रत्येक पर लगभग 150 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए : (10×5=50)
(a) कश्मीर के गर्तवासी
(b) वर्ण एवं बौद्धधर्म
(c) धर्म बनाम रिलिजन
(d) भारत में भाषाई अल्पसंख्यकों हेतु परिरक्षण
(e) पश्चिमीकरण एवं आधुनिकीकरण
2. (a) भारतीय मानवशास्त्र में इरावती कर्वे के योगदान का उल्लेख कीजिए। उनके साहित्यिक योगदान का विशेष उल्लेख कीजिए। (20)
(b) नर्मदा मानव को होमो इरेक्टस वर्गों से हटाने के तर्क क्या हैं? (15)
(c) भारतीय जाति व्यवस्था के उद्भव पर डॉ० बी० आर० अम्बेडकर के तार्किक विचारों का समालोचनात्मक विवरण प्रस्तुत कीजिए। (15)
3. (a) उत्तर-पूर्व भारत के विशेष संदर्भ में भारतीय महापाषाण परम्परा का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। (20)
(b) भारतीय ग्रामों के अध्ययन में एस० सी० दुबे के योगदान का मूल्यांकन कीजिए। (15)
(c) सर हरबर्ट होप रिजले द्वारा भारतीय जनसंख्या के वर्गीकरण में अपनायी प्रविधियों का वर्णन कीजिए। रिजले के वर्गीकरण के विरुद्ध समालोचनाएँ क्या हैं? (15)
4. (a) “वैश्वीकरण ने जहाँ एक तरफ अवसर प्रदान किया वहीं वह दूसरी तरफ भारतीय गाँवों के लिए चुनौती बन गया।” व्याख्या कीजिए। (20)
(b) गुजरात के आद्य-इतिहास का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए। गुजरात आद्य-इतिहास के अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में महत्व की विवेचना कीजिए। (15)
(c) भारत में ईसाईयत के स्वदेशीकरण का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (15)
खण्ड – B
5. निम्नलिखित प्रत्येक पर लगभग 150 शब्दों में लघु टिप्पणी लिखिए : (10×5=50)
(a) राष्ट्रीय एकीकरण में क्षेत्रवाद एक अवसर एवं जोखिम
(b) जनजातीय कृषि मजदूरों के मुद्दे
(c) यायावर एवं अर्द्ध-यायावर समूहों की प्रमुख समस्याएँ
(d) पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों में राज्यपाल की भूमिका
(e) ऑस्ट्रोएशियाटिक भाषाएँ
6. (a) एकीकृत जनजातीय विकास परियोजनाओं (आई-टी-डी-पी) के उद्देश्यों की विवेचना कीजिए। इन उद्देश्यों को कहाँ तक प्राप्त किया जा चुका है? (20)
(b) पेसा (पी० ई० एस० ए०) के अन्तर्गत पारम्परिक ‘जनजातीय परिषदों’ के संचालन की तुलना ‘ग्राम सभाओं’ से कीजिए। (15)
(c) ब्रिटिश नीतियों ने जनजातियों के प्रमुख संसाधनों को कैसे प्रभावित किया है? स्पष्ट कीजिए। (15)
7. (a) जनजातीय समुदायों पर जी० एस० घुर्ये एवं वेरियर एल्विन के दृष्टिकोणों की विवेचना कीजिए। भारतीय जनजातीय समाजों के प्रति भारत सरकार की नीतियाँ क्या हैं? (20)
(b) भारत में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों के प्रमुख मुद्दों एवं इनके समाधानों की विवेचना कीजिए। (15)
(c) जनजातीय एवं गैर-जनजातीय समुदायों में सम्पर्क द्वारा उत्पन्न सामाजिक एवं धार्मिक परिणामों को स्पष्ट कीजिए। (15)
8. (a) उत्तर-पूर्व एवं मध्य भारत में जनजातीय आंदोलनों के स्वरूप की तुलना कीजिए। इन क्षेत्रों में विद्यमान जनजातीय आंदोलनों का संक्षेप में वर्तमान स्थिति का उल्लेख कीजिए। (20)
(b) विकास पर मानवशास्त्रीय दृष्टिकोण का संक्षिप्त विवरण दीजिए। भारत के ग्रामीण विकास में मानवशास्त्रियों ने कैसे योगदान दिया है? (15)
(c) झूम कृषि के संदर्भ में आजीविका सम्बन्धी प्रश्न एवं पर्यावरणीय अवक्रमण के मध्य कैसे संतुलन बनाया जा सकता है? (15)
