13वीं और 14वीं शताब्दी में समाज, संस्कृति और अर्थव्यवस्था: इतिहास वैकल्पिक पेपर प्रश्न

समाज: ग्रामीण समाज की संरचना, शासक वर्ग, नगरवासी, महिलाएं, धार्मिक वर्ग, जाति और सल्तनत के तहत गुलामी, भक्त आंदोलन, सूफी आंदोलन; संस्कृति: फ़ारसी साहित्य, उत्तर भारत की क्षेत्रीय भाषाओं में साहित्य, दक्षिण भारत की भाषाओं में साहित्य, सल्तनत वास्तुकला और नए संरचनात्मक रूप, चित्रकला, समग्र संस्कृति का विकास; अर्थव्यवस्था: कृषि उत्पादन, शहरी अर्थव्यवस्था और गैर-कृषि उत्पादन का उदय, व्यापार और वाणिज्य।

  1. उर्दू की उत्पत्ति कहाँ, कब और कैसे हुई? संक्षिप्त उत्तर 200 शब्दों से अधिक न लिखें।(1985)
  1. ‘दिल्ली के सुल्तानों के काल में इंडो-फ़ारसी संस्कृति का उदय हुआ।’ भाषा, साहित्य, कला और सामाजिक जीवन के क्षेत्र में विकास के संदर्भ में कथन पर चर्चा करें।(1986)
  1. संक्षिप्त निबंध लिखें: खिलजी और तुगलक काल के दौरान भारत-इस्लामिक वास्तुकला।(1992)
  1. महाराष्ट्र धर्म के अर्थ और विशेषताओं पर संक्षिप्त निबंध लिखें।(1994)
  1. मध्यकाल में क्षेत्रीय भाषाओं एवं साहित्य का विकास।(1995)
  1. सल्तनत काल की भू-राजस्व प्रणाली पर प्रकाश डालिए।(1998)
  1. संक्षिप्त निबंध लिखें- अमीर खुसरो एक प्रख्यात कवि थे, इतिहासकार नहीं।(2000)
  1. इंडो-फ़ारसी साहित्य में अमीर खुसरो और बरनी के योगदान का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।(2009)
  1. दिल्ली सल्तनत में शहरी अर्थव्यवस्था के विस्तार को कायम रखने वाले मुख्य कारकों की पहचान करें।(2009)
  1. तेरहवीं से पंद्रहवीं शताब्दी के दौरान भारत के समुद्री व्यापार के बढ़ते महत्व का परीक्षण करें।(2010)
  1. इल्तुतमिश के उत्तराधिकारियों के अधीन जातीय संरचना और कुलीन वर्ग की भूमिका का विश्लेषण करें। इसका समकालीन राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ा?(2012)
  1. लाल देव की भक्ति तथा रहस्यवाद कश्मीर में सामाजिक शक्ति के रूप में उभरी। टिप्पणी कीजिए। (2013)
  1. मध्यकालीन इतिहास में मलफूजात ग्रंथों की स्रोतों के रूप में समीक्षा कीजिए। (2013)
  1. 1200-1500 ईस्वी के मध्य भारत में उद्योगों की परिस्थिति की समीक्षा कीजिए। (2013)
  1. सल्तनत काल में शिक्षा के विकास की आलोचनात्मक समीक्षा कीजिए। (2013)
  1.  ऐतिहासिक स्रोतों के आधार पर 1200-1500 ईस्वी के मध्य श्रमिकों की परिस्थिति पर आलोचनात्मक समीक्षा कीजिए। (2013)
  1. एक महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में लेखपद्धति की समीक्षा कीजिए कि वह गुजरात के विशेष संदर्भ में कैसे तेरहवीं शताब्दी ईस्वी के समाज तथा अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डालती है। (2013)
  1. मध्यकालीन भक्ति साहित्य के विकास में वैष्णव संतों के योगदान का मूल्यांकन कीजिए। (2014)
  1. सल्तनत काल की स्थापत्यकला के तकनीकी तथा शैलीगत विकास को अनुरेखित कीजिए। (2014)
  1. “सूफी एवं मध्यकालीन रहस्यवादी संत इस्लामिक/हिन्दू समाजों के धार्मिक विचारों और आचार (प्रथाओं) को अथवा समाजों की बाह्य संरचना को किसी पर्याप्त मात्रा तक रूपांतरित करने में असफल रहे।” पक्ष/विपक्ष में टीका कीजिए। (2015)
  1. दिल्ली सल्तनत की भू-राजस्व प्रणाली तथा न्यायिक-प्रशासन की संक्षिप्त विवेचना कीजिए। (2015)
  1. ‘तबन्कात -ए-नासिरी’ की विषयवस्तु का मध्यकालीन इतिहास के स्रोत के रूप में मूल्यांकन कीजिए। (2016)
  1. 13 वीं – 14 वीं सदी ई. में गैर-कृषि उत्पादन और नगरीय अर्थव्यवस्था की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए। (2017)
  1. महिला दासों के विशेष उल्लेख के साथ, इब्न बतूता द्वारा दास-प्रथा पर दिए गए साक्ष्य की विवेचना कीजिए। (2018)
  1. दिल्ली सुल्तानों के अधीन वस्त्र प्रौद्योगिकी में हुई उन्नति की विवेचना कीजिए। (2018)
  1. भारत में, मकबरों के निर्माण में आनुक्रमिक सुल्तानों द्वारा जोड़े गए दास्तुकलात्मक अभिलक्षणो का वर्णन कीजिए। (2018)
  1.  सल्तनत काल में कृषि की अवस्था का चित्रण कीजिए। (2019)
  1. तुतुगलक वंश के काल में मुस्लिम अमीर वर्ग का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। (2020)
  1. 13-14 वीं शताब्दी ईस्वी के दौरान उत्तर भारत में अन्तराष्ट्रीय व्यापार ने नगरीकरण को कैसे प्रोत्साहित किया ? (2020)
  1. कुछ नई हस्तकलाओं के उत्पादन का सूत्रपात तुर्कों द्वारा किया गया। टिप्पणी कीजिए। (2020)
  1. दिल्ली सल्तनत काल में उभरकर आए विविध प्रकार के पारसी साहित्य की पहचान कीजिए। (2021)

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