UPSC Hindi Literature Optional Paper 2023 (हिंदी साहित्य प्रश्न पत्र)

UPSC Hindi Literature Optional Paper-1 2023: हिंदी साहित्य प्रथम प्रश्न पत्र

खण्ड ‘A’

1. निम्नलिखित प्रत्येक पर लगभग 150 शब्दों में टिप्पणियाँ लिखिए :

(a) आरंभिक हिंदी की प्रमुख विशेषताएँ
(b) हिंदी भाषा के मानकीकरण में द्विवेदी युग का योगदान
(c) विज्ञान और तकनीक की भाषा के रूप में हिंदी का विकास
(d) देवनागरी लिपि की वैज्ञानिकता
(e) पूर्वी हिंदी व पश्चिमी हिंदी के प्रमुख अंतर

2. (a) साहित्यिक भाषा के रूप में ब्रज के विकास में मध्यकालीन कृष्ण-भक्त कवियों के योगदान पर प्रकाश डालिए ।
(b) स्वाधीनता आंदोलन की संघर्ष भाषा के रूप में हिंदी की प्रतिष्ठा पर विचार कीजिए ।
(c) फ़ॉन्ट एवं लिपि के व्यामोह में देवनागरी लिपि के वैशिष्ट्य को निर्धारित कीजिए ।


3. (a) 19वीं सदी में खड़ी बोली को साहित्यिक भाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने के दौरान प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डालिए ।
(b) अपभ्रंश की व्याकरणिक विशेषताएँ बताइए ।
(c) देवनागरी लिपि के सुधार हेतु स्वतंत्र भारत में किए गए प्रयत्नों की चर्चा कीजिए ।

4. (a) राजस्थानी वर्ग की प्रमुख बोलियों की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए ।
(b) संत-साहित्य में प्रयुक्त खड़ी बोली के स्वरूप की चर्चा कीजिए ।
(c) स्वाधीन भारत में हिंदी – प्रयोग के नवीन आयाम पर प्रकाश डालिए ।

खण्ड ‘B’

5. निम्नलिखित प्रत्येक पर लगभग 150 शब्दों में टिप्पणियाँ लिखिए :

(a) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल – पूर्व हिंदी साहित्य इतिहास का लेखन
(b) हिंदी रासो काव्यों की प्रमुख विशेषताएँ
(c) हिंदी सूफी कवियों की लोकोन्मुखता
(d) हिंदी के प्रमुख यात्रा-वृत्तांतों का वैशिष्ट्य
(e) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की सैद्धांतिक आलोचना

6. (a) आदिकालीन साहित्य के अध्ययन की प्रमुख समस्याएँ लिखिए ।
(b) बालकृष्ण भट्ट एवं प्रताप नारायण मिश्र के वैशिष्ट्य को निर्धारित कीजिए ।
(c) प्रेमचंद के उपन्यास लेखन में उनकी यथार्थ-दृष्टि का विकास किस रूप में हुआ है ? स्पष्ट कीजिए ।

7. (a) ‘तुलसी का काव्य लोकमंगल की साधना है ।’ इस कथन की समीक्षा कीजिए ।
(b) ‘निराला’ की कविता का मुख्य स्वर स्पष्ट कीजिए ।
(c) स्वातंत्र्योत्तर हिंदी रंगमंच के विकास में लोक-नाट्य की भूमिका स्पष्ट कीजिए ।

8. (a) “जयशंकर प्रसाद के नाटक तत्कालीन राष्ट्रीय सांस्कृतिक चेतना की अभिव्यक्ति का समर्थ रूप हैं ।” समीक्षा कीजिए ।
(b) घनानंद की ‘भाषा-प्रवीणता’ को स्पष्ट कीजिए ।
(c) ‘अज्ञेय’ की कहानियों की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए ।


UPSC Hindi Literature Optional Paper-2 2023: हिंदी साहित्य द्वितीय प्रश्न पत्र

खण्ड ‘A’

1. निम्नलिखित की सप्रसंग व्याख्या लगभग 150 शब्दों में कीजिए :

(a) जग हठवाड़ा स्वाद ठग, माया बेसाँ लाई ।
रामचरन नीका गही, जिनि जाइ जनम ठगाइ ॥
कबीर माया मोहनी, जैसी मीठी खाँड़ ।
सतगुरु कृपा भई, नहीं तो करती भाँड़ ॥

(b) नटनंदन मोहन सों मधुकर ! है काहे की प्रीत ?
जौ कीजै तो है जल, रवि औ जलधर की सी रीति ॥
जैसे मीन, कमल, चातक को ऐसे ही गई बीति ।
तलफत, जरत, पुकारत सुनु, सठ। नाहिं न है यह रीति ॥

(c) बातन्ह मनहि रिझाई सठ जनि घालसि कुल सीख ।
राम बिरोध न उबरसि सरन बिष्नु अज ईस ॥
की तजि मान अनुज इव प्रभु पद पंकज भृंग ।
होहि कि राम सरानल खल कुल सहित पतंग ॥

(d) बुद्धि के पवमान में उड़ता हुआ असहाय
जा रहा तू किस दिशा की ओर को निरुपाय ?
लक्ष्य क्या ? उद्देश्य क्या? क्या अर्थ?
यह नहीं यदि ज्ञात, तो विज्ञान का श्रम व्यर्थ ।

(e) तू गा :
मेरे अँधियारे अंतस् में आलोक जगा
स्मृति का
श्रुति का :
तू गा, तू गा, तू गा, तू गा

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(a) गोस्वामी तुलसीदास रचित ‘कवितावली’ के उत्तरकाण्ड की भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए ।
(b) जायसी के ‘पद्मावत’ के सिंहलद्वीप खण्ड की भावभूमि स्पष्ट कीजिए ।
(c) “”भारत-भारती’ में वर्तमान की त्रासदीपूर्ण स्थिति, वैभवपूर्ण भव्य विरासत एवं उन्नत भविष्य की कामना करते हुए राष्ट्रीयता का स्वर मुखरित हुआ है।” इसे उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(a) जयशंकर प्रसाद रचित ‘कामायनी’ के महाकाव्यत्व का विश्लेषण कीजिए ।
(b) ‘भ्रमरगीत सार’ के आधार पर सूरदास की काव्य-चेतना एवं कवित्व की सोदाहरण विवेचना कीजिए ।
(c) ‘कुकुरमुत्ता’ की प्रगतिशील चेतना की मूल संवेदना को स्पष्ट कीजिए।

4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(a) “बिहारी की कविता शृंगारी है पर प्रेम की उच्च भूमि पर नहीं पहुँच पाती।” इस कथन की सार्थकता पर प्रकाश डालिए ।
(b) “असाध्य वीणा’ में अज्ञेय के कवि-कर्म का क्रमिक विकास विभिन्न स्तर पर अभिव्यक्त हुआ है।” सम्यक् विवेचना कीजिए ।
(c) “युद्ध की समस्या मनुष्य की सारी समस्याओं की जड़ है।” इस कथन के आलोक में दिनकर के ‘कुरुक्षेत्र’ का मूल्यांकन कीजिए ।

खण्ड ‘B’

5. निम्नलिखित अवतरणों की सप्रसंग व्याख्या लगभग 150 शब्दों में कीजिए :

(a) “जब कभी वह अपनी पृथक् सत्ता की धारणा से छुटकर – अपने आपको बिल्कुल भूलकर – विशुद्ध अनुभूति मात्र रह जाता है, तब वह मुक्त हृदय हो जाता है। जिस प्रकार आत्मा की मुक्तावस्था ज्ञानदशा कहलाती है, इसी प्रकार हृदय की यह मुक्तावस्था रसदशा कहलाती है।”
(b) “मैं फिर काम शुरू करूँगा – यहीं, इसी गाँव में। मैं प्यार की खेती करना चाहता हूँ। आँसू से भीगी हुई धरती पर प्यार के पौधे लहलहाएँगे। मैं साधना करूँगा, ग्रामवासिनी भारत माता के मैले आँचल तले !”
(c) “हाँ, दे दिया। अपनी गाय थी मार डाली, फिर किसी दूसरे के जानवर को तो नहीं मारा? तुम्हारी तहकीकात में यही निकलता है तो यही लिखो । पहना दो मेरे हाथों में हथकड़ियाँ देख लिया तुम्हारा न्याय और तुम्हारे अक्कल की दौड़ । गरीबों का गला काटना दूसरी बात है। दूध का दूध और पानी का पानी करना दूसरी बात है । “
(d) “वह बहुत अद्भुत अनुभव था माँ, बहुत अद्भुत ! नीलकमल की तरह कोमल और आर्द्र, वायु की तरह हल्का और स्वप्न की तरह चित्रमय ! मैं चाहती थी उसे अपने में भर लूँ और आँखें मूँद लूँ।”
(e) “उनकी बात कुछ समझ में नहीं आती। हमेशा दो बातें एक-दूसरे से उल्टी कहते हैं । कहते थे कि इस बार मुझे छः-सात महीनों की छुट्टी लेकर आराम करना चाहिए, लेकिन अगर मैं ठीक हूँ तो भला इसकी क्या जरूरत है।”

6. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(a) मुंशी प्रेमचंद कृत ‘गोदान’ भारतीय कृषक – जीवन के वास्तविक धरातल का सटीक चित्रण प्रस्तुत करता है । उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए ।
(b) आंचलिक उपन्यास के तत्त्वों के आलोक में ‘मैला आँचल’ उपन्यास की विवेचना कीजिए ।
(c) ‘भारत दुर्दशा’ एक प्रतीकात्मक नाटक है। विश्लेषण कीजिए ।

7. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(a) ‘आषाढ़ का एक दिन’ की नाट्य वस्तु में मंचन क्षमता की सुरक्षा, भावना और यथार्थ का सामंजस्य, जीवन की कटुता और असफलता का निरूपण पाया जाता है। इसे स्पष्ट कीजिए।
(b) “”दिव्या’ उपन्यास का मूल प्रतिपाद्य मार्क्सवादी विचारधारा का प्रतिपादन करना है।” इस मत के पक्ष-विपक्ष में अपना तर्कयुक्त उत्तर देते हुए ‘दिव्या’ का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
(c) “मन्नू भण्डारी रचित ‘महाभोज’ उपन्यास राजनीति में पिसते दलित समाज की दास्ताँ का जीवंत दस्तावेज है।” इसे स्पष्ट कीजिए ।

8. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(a) “”स्कंदगुप्त’ नाटक राष्ट्रीय उन्नति की संवेदना को प्रकट करता है।” विवेचना कीजिए ।
(b) ‘श्रद्धा-भक्ति’ निबंध के आधार पर प्रेम, श्रद्धा एवं भक्ति का अंतःसंबंध स्पष्ट कीजिए ।
(c) ‘चीफ़ की दावत’ कहानी नौकरशाही में मानव मूल्यों का अधःपतन तथा दो पीढ़ी के अंतराल का सूक्ष्म निरूपण पाया जाता है। सोदाहरण स्पष्ट कीजिए ।


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