खनिज संसाधन देश की अर्थव्यवस्था के लिए आधारभूत हैं तथा इनका खनन द्वारा शोषण होता है। खनन को पर्यावरणीय आपदा क्यों समझा जाता है ? खनन द्वारा पैदा होने वाली पर्यावरणीय आपदा को कम करने हेतु आवश्यक उपचारात्मक उपायों की व्याख्या कीजिए । (उत्तर 250 शब्दों में दीजिए)
2024
आपदा प्रतिरोध क्या है? इसे कैसे निर्धारित किया जाता है? एक प्रतिरोध ढाँचे के विभिन्न तत्त्वों का वर्णन कीजिए। आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए सेंडाई ढाँचे (2015-2030 ) के वैश्विक लक्ष्यों का भी उल्लेख कीजिए । (उत्तर 250 शब्दों में दीजिए)
शहरी क्षेत्रों में बाढ़ एक उभरती हुई जलवायु-प्रेरित आपदा है। इस आपदा के कारणों की चर्चा कीजिए। पिछले दो दशकों में, भारत में आयी ऐसी दो प्रमुख बाढ़ों की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। भारत की उन नीतियों और ढाँचों का वर्णन कीजिए जिनका उद्देश्य ऐसी बाढ़ों से निपटना है। (उत्तर 250 शब्दों में दीजिए )
2023
बाँधों की विफलता हमेशा प्रलयकारी होती है, विशेष रूप से नीचे की ओर, जिसके परिणामस्वरूप जीवन और संपत्ति का भारी नुकसान होता है। बाँधों की विफलता के विभिन्न कारणों का विश्लेषण कीजिए। बड़े बाँधों की विफलताओं के दो उदाहरण दीजिए। (उत्तर 150 शब्दों में दीजिए)
2022
भारतीय उपमहाद्वीप के संदर्भ में बादल फटने की क्रियाविधि और घटना को समझाइए । हाल के दो उदाहरणों की चर्चा कीजिए। (150 शब्दों में उत्तर दीजिए)
2021
भूकंप संबंधित संकटों के लिए भारत की भेद्यता की विवेचना कीजीए। पिछले तीन दशकों में, भारत के विभिन्न भागों में भूकंप द्वारा उत्पन्न बड़ी आपदाओं के उदाहरण प्रमुख विशेषताओं के साथ दीजिए। (150 शब्द)
भू-स्खलन के विभिन्न कारणों और प्रभावों का वर्णन कीजिए। राष्ट्रीय भू-स्खलन जोखिम प्रबंधन रणनीति के महत्वपूर्ण घटकों का उल्लेख कीजिए। (250 शब्द)
2020
आपदा प्रबंधन में पूर्ववर्ती प्रतिक्रियात्मक उपागम से हटते हुए भारत सरकार द्वारा आरंभ किए गए अभिनूतन उपायों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द)
2019
आपदा प्रभावों और लोगों के लिए उसके खतरे को परिभाषित करने के लिए भेद्यता एक अत्यावश्यक तत्व है। आपदाओं के प्रति भेद्यता का किस प्रकार और किन-किन तरीकों के साथ चरित्र-चित्रण किया जा सकता है? आपदाओं के संदर्भ में भेद्यता के विभिन्न प्रकारों पर चर्चा कीजिए।
किसी भी आपदा प्रबंधन प्रक्रम में आपदा तैयारी पहला कदम होता है। भूस्खलनों के मामले में, स्पष्ट कीजिए कि संकट अनुक्षेत्र मानचित्रण किस प्रकार आपदा अल्पीकरण में मदद करेगा।
2018
भारत में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डी ० आर ० आर ०) के लिए ‘सेंड़ाई आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रारूप (2015 -2030)’ हस्ताक्षरित करने से पूर्व एवं उसके पश्चात किए गए विभिन्न उपायों का वर्णन कीजीए। यह प्रारूप ‘ह्योगों कार्रवाई प्रारूप, 2005’ से किस प्रकार भिन्न है? (250 शब्द)
2017
दिसंबर 2004 को सुनामी भारत सहित चौदह देशों में तबाही लाई थी। सुनामी के हों के लिए जिम्मेदार कारकों पर एवं जीवन तथा अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले उसके प्रभावों पर चर्चा कीजिए। एन. डी. एम. ए. के दिशा निर्देशों (2010) के प्रकाश मे, इस प्रकार की घटनाओं के दौरान जोखिम को कम करने की तैयारियों की क्रियाविधि का वर्णन कीजिए। (250 शब्द)
2016
कई वर्षों से उच्च तीव्रता की वर्षा के कारण शहरों में बाढ़ की बारंबारता बढ़ रही है। शहरी क्षेत्रें में बाढ़ के कारणों पर चर्चा करते हुए इस प्रकार की घटनाओं के दौरान जोखिम कम करने की तैयारियों की क्रियाविधि पर प्रकाश डालिए।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एन. डी. एम. ए.) के सुझावों के संदर्भ में, उत्तराखंड के अनेकों स्थानो पर हाल ही में बादल फटने की घटनाओं के संधात को कम करने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों पर चर्चा कीजिये।
2015
भारतीय उप-महाद्वीप में भूकंपों की आवृत्ति बढ़ती हुई प्रतीत होती है। फिर भी, इनके प्रभाव के न्यूनीकरण हेतु भारत की तैयारी (तत्परता) में महत्वपूर्ण कमियाँ हैं। विभिन्न पहलुओं की चर्चा कीजिए।
2014
सूखे को उसके स्थानिक विस्तार, कालिक अवधि, मंथर प्रारम्भ और कमजोर वर्गों पर स्थायी प्रभावों की दृष्टि से आपदा के रूप में मान्यता दी गई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सितंबर 2010 मार्गदर्शी सिद्धान्तों पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत में एल नीनो और ला नीना के संभावित दुष्प्रभावों से निपटने के लिए तैयारी की कार्यविधियों पर चर्चा कीजिए।
2013
विपदा-पूर्व प्रबंधन के लिए संवेदनशीलता व जोख़िम निर्धारण कितना महत्त्वपूर्ण है? प्रशासक के रूप में आप विपदा प्रबंधन प्रणाली में किन मुख्य बिन्दुओं पर ध्यान देंगे? (200 शब्द 10 अंक)