UPSC Sociology Optional Question Paper 2025: प्रश्न पत्र I
खण्ड- A
1. निम्नलिखित प्रश्नों में से प्रत्येक का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :
(a) सामान्य बुद्धि क्या है ? सामान्य ज्ञान और समाजशास्त्र एक-दूसरे से कैसे सम्बन्धित हैं? व्याख्या कीजिए ।
(b) अध्ययन – क्षेत्र और पद्धति के सन्दर्भ में समाजशास्त्र और इतिहास के मध्य क्या सम्बन्ध (समानताएँ एवं विभिन्नताएँ) है ? विवेचना कीजिए।
(c) सामाजिक अनुसन्धान में चर क्या है? इनके विभिन्न प्रकार क्या हैं? विस्तार से समझाइए ।
(d) क्या डिजिटल विश्व में ‘पहचान निर्माण’ को समझने में मर्टन का संदर्भ समूह सिद्धान्त प्रासंगिक हो सकता है? व्याख्या कीजिए।
(e) क्या सामाजिक स्तरीकरण का सिद्धान्त लैंगिक रूप से अंधा है? स्पष्ट कीजिए ।
2. (a) प्रत्यक्षवाद क्या है? इसके विरुद्ध प्रमुख तर्कों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए ।
(b) मार्क्स द्वारा प्रतिपादित ऐतिहासिक भौतिकवाद की मुख्य विशेषताओं पर प्रकाश डालिए । समकालीन समाजों को समझने में यह सिद्धान्त किस सीमा तक प्रासंगिक है ? व्याख्या कीजिए ।
(c) विश्वसनीयता से आप क्या समझते हैं? सामाजिक विज्ञान अनुसन्धान में विश्वसनीयता के महत्त्व की विवेचना कीजिए ।
3. (a) दीर्घकालिक निर्धनता को समझने में क्षमता अभाव परिप्रेक्ष्य की तुलना सामाजिक पूँजी अभाव परिप्रेक्ष्य से कीजिए ।
(b) क्या दबाव समूह लोकतन्त्र के लिए एक खतरा है या एक आवश्यक तत्त्व ? उपयुक्त उदाहरणों के साथ व्याख्या कीजिए।
(c) उपकल्पना क्या है? सामाजिक अनुसन्धान में उपकल्पना के महत्त्व का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए ।
4. (a) भारतीय सन्दर्भ में विवाह की आधुनिक प्रवृत्तियों का विवरण दीजिए। ये परम्परागत पद्धतियों से कैसे भिन्न हैं?
(b) मोस्का, मिशेल्स और परेटो के अभिजात वर्ग के सिद्धान्तों में समानताओं और विभिन्नताओं को आप किस रूप में पहचानेंगे? इनके मुख्य बिन्दुओं पर चर्चा कीजिए।
(c) विकासशील समाजों की अर्थव्यवस्था में अनौपचारिक क्षेत्र के समाजशास्त्रीय महत्त्व का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए ।
खण्ड – B
5. निम्नलिखित प्रश्नों में से प्रत्येक का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :
(a) समाजशास्त्र का विषय-क्षेत्र किस तरह से अद्वितीय है ? व्याख्या कीजिए ।
(b) क्या सामाजिक स्तरीकरण पर संरचनात्मक प्रकार्यात्मक परिप्रेक्ष्य यथास्थिति को बढ़ावा देता है? अपने उत्तर के लिए कारण बताइए ।
(c) क्या आपको लगता है कि औपचारिक कार्यस्थल लैंगिक पूर्वाग्रह से मुक्त होते हैं? अपने तर्क प्रस्तुत कीजिए ।
(d) समाजशास्त्र में वेबर का वर्स्टहेन किस प्रकार से वस्तुनिष्ठता व्यक्तिपरकता परिचर्चा को सम्बोधित करता है?
(e) शिक्षा एवं कौशल विकास किस सीमा तक सामाजिक परिवर्तन का एक माध्यम बन सकते हैं? आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए ।
6. (a) विज्ञान क्या है? क्या आपको लगता है कि प्राकृतिक विज्ञानों में प्रयोग की जाने वाली विधियों को समाजशास्त्र में उपयोग किया जा सकता है? अपने उत्तर के समर्थन में कारण बताइए ।
(b) लिंग-आधारित घरेलू श्रम विभाजन से आप क्या समझते हैं? क्या औपचारिक रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के कारण इसमें कोई बदलाव आ रहा है? अपने उत्तर को उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए ।
(c) आप डिजिटल युग में सामाजिक आन्दोलनों के महत्त्व का आकलन कैसे कर सकते हैं? व्याख्या कीजिए ।
7. (a) सामाजिक अनुसन्धान के सन्दर्भ में निदर्शन से आप क्या समझते हैं? निदर्शन के विभिन्न प्रारूपों पर उनके सापेक्ष लाभ और हानि के साथ चर्चा कीजिए ।
(b) धर्म को समझने में मार्क्स, वेबर और दुर्खीम के सिद्धान्त कैसे भिन्न हैं? व्याख्या कीजिए ।
(c) आधुनिक समाज में विज्ञान और धर्म के बीच सम्बन्ध की प्रकृति क्या है ? उपयुक्त उदाहरणों के साथ इसका विश्लेषण कीजिए ।
8. (a) संधारणीय विकास से आप क्या समझते हैं? यू० एन० डी० पी० की सस्टेनेबल डेवेलपमेंट गोल्स रिपोर्ट-2015 में प्रस्तावित संधारणीय विकास के बिन्दुओं की विवेचना कीजिए ।
(b) ‘नागरिक समाज संगठनों’ जैसे ‘एन० जी० ओ०’ और ‘स्वयं सहायता समूह’ धरातलीय स्तर पर सामाजिक परिवर्तनों को लाने में कैसे योगदान करते हैं ? विवेचना कीजिए ।
(c) क्विअर नातेदारी किस प्रकार पारंपरिक नातेदारी व्यवस्था को चुनौती देती है ? उदाहरण देकर प्रमाणित कीजिए ।
UPSC Sociology Optional Question Paper 2025: प्रश्न पत्र II
खण्ड- A
1. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :
1.(a) ‘भारतीय विद्या परिप्रेक्ष्य, भारतीय सामाजिक व्यवस्था को समझने में महत्वपूर्ण है ।’ विवेचना कीजिए ।
1.(b) पुष्टि कीजिये कि भारतीय परम्पराओं का आधुनिकीकरण हो रहा है । इसमें योगदान करने वाले कारकों की भी विवेचना कीजिये ।
1.(c) आपके अनुसार महिलाओं की स्थिति के उत्थान के लिए कौन से सामाजिक सुधार आन्दोलन ने सबसे अधिक प्रभावशाली भूमिका का निर्वाह किया है ? व्याख्या कीजिए ।
1.(d) औपनिवेशिक नीतियों नें भारत में जनजातियों की सामाजिक-आर्थिक दशाओं को किस प्रकार से प्रभावित किया था ? विवेचना कीजिये ।
1.(e) आप जी. एस. घुर्ये को ‘सैद्धान्तिक बहुलवाद’ के प्रयोगकर्ता के रूप में किस प्रकार से उचित ठहरायेंगे ।
2.(a) क्या आप सोचते हैं कि भारत जैसे समाज में नियतविकासीय परिवर्तन विभेदीकरण के द्वारा होते हैं ? क्या आप नियतविकासीय प्रक्रिया में निरन्तरता को देखते हैं ? अपना उत्तर उपयुक्त उदाहरण सहित विस्तार से दीजिए |
2.(b) ‘कृषक वर्ग संरचना आधुनिक शक्तियों के कारण परिवर्तित हो रही है ।’ आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए ।
2.(c) समलैंगिक विवाह, भारत में जनसंख्यात्मक गतिकी के लिए किस प्रकार उत्तरदायी हैं ? विवेचना कीजिये ।
3.(a) राष्ट्र निर्माण से आप क्या समझते हैं ? राष्ट्र निर्माण में धर्म की क्या भूमिका होती है ? अपने उत्तर को विस्तार पूर्वक लिखिए ।
3.(b) क्या आप सोचते हैं कि ब्रिटिश शासन द्वारा किए गए नवीन आर्थिक सुधारों ने भारत की पुरानी अर्थ व्यवस्था को विघटित किया है ? उपयुक्त उदाहरण दे कर अपने उत्तर को प्रमाणित कीजिए ।
3.(c) भारतीय नव मध्य वर्ग की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिये । ये पूर्व / पुराने मध्य वर्ग से किस प्रकार भिन्न हैं ?
4. (a) भारत में ग्राम अध्ययन के लिए किसे अग्रणी माना जाता है ? उदाहरण के तौर पर कुछ भारतीय समाजशास्त्रियों के ग्राम अध्ययन पर योगदान को बताइये । उनके उपागम परस्पर किस प्रकार से भिन्न हैं ?
4.(b) “औद्योगिक वर्ग संरचना भारतीय समाज की सामाजिक संरचना का एक प्रकार्य है ।” क्या आप इस कथन से सहमत हैं ? विश्लेषण कीजिए ।
4.(c) नातेदारी क्या है ? नातेदारी व्यवस्था के अध्ययन में जी. पी. मरडॉक के योगदान की संक्षेप में व्याख्या कीजिए ।
खण्ड ‘B’
5. निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :
5.(a) ‘भूस्वामित्व खेतीहर से गैर खेतीहर स्वामियों को हस्तान्तरित किये जाने से भारतीय समाज रूपान्तरण ( ट्रांसफार्मेशन) हो रहा है ।’ उपयुक्त उदाहरण दे कर अपने उत्तर की पुष्टी कीजिये ।
5.(b) भारत में ग्रामीण उद्योगों के पतन के लिए उत्तरदायी विभिन्न कारकों का वर्णन कीजिए ।
5. (c) स्वतंत्र भारत में राजनीतिक गतिशीलता के सामाजिक आधारों की विवेचना कीजिए । क्या पिछले 60-70 वर्षों में इन में ( आधारों में) कोई परिवर्तन हुआ है ?
5. (d) भारतीय राज्यों में अनौपचारिक क्षेत्रों में कार्य करने वाले प्रवासी श्रमिकों की प्रमुख समस्याएं क्या हैं ? विवेचना कीजिए |
5.(e) क्या आप सोचते हैं कि कानून भारत में बाल श्रम को समाप्त करने के लिए सक्षम है ? टिप्पणी कीजिए ।
6.(a) संवैधानिक प्रावधानों ने किस अर्थ में अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक दशाओं को परिवर्तित किया है ? आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए ।
6.(b) भारत में नगरीकरण की प्रवृत्ति की विवेचना कीजिए । क्या आप सोचते हैं कि औद्योगीकरण नगरीकरण की पूर्व शर्त है ? अपने तर्क दीजिए ।
6.(c) भारत में जाति संघर्ष को रोकने के लिए आप कौन से उपाय सुझाएंगे ? अपने तर्क की पुष्टी कीजिए ।
7.(a) भारतीय समाज में वृद्धों के लिए प्रवर्तनशील निजी तथा सार्वजनिक संजाल (नैटवर्क) एवं सहायक व्यवस्थाएँ क्या हैं ? वृद्धों की देख-रेख करने वालों के सामने आने वाली चुनौतियों को कम करने के लिए किये जाने वाले प्रयासों के सुझाव दीजिए ।
7.(b) “शैक्षिक विकास ही देश की समस्त बीमारियों तथा बुराइयों का एकमात्र उपचार है ।” उपर्युक्त कथन का राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के सन्दर्भ में आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए ।
7.(c) भारत में दलित आंदोलनों ने उनकी पहचान बनाने को किस प्रकार से सहज बनाया है ? विश्लेषण कीजिए ।
8.(a) क्या भारत में संधारणीय विकास होना संभव है ? पर्यावरणीय मुद्दों को ध्यान में रखते हुए संधारणीयता को अर्जित करने के लिए कुछ उपाय सुझाइये ।
8.(b) क्या आप सोचते हैं कि मजदूरों का जबरन विस्थापन उनके वंचन का कारण है तथा उसके परिणामस्वरूप हाल ही के कुछ वर्षों से भारत में असमानता आई है ? विस्तार से उत्तर दीजिए ।
8.(c) भारत सरकार ने यूनाइटेड नेशन्स द्वारा ‘सस्टेनेबिल डेवेलपमेंट गोल्स – 2015’ की घोषणा के पश्चात् निर्धनता उन्मूलन के लिए कौन सी योजनाएं प्रारम्भ की हैं ? संक्षेप में वर्णन कीजिये ।
