UPSC Political Science (PSIR) Optional Question Paper 2024: प्रश्न पत्र I
खण्ड- A
निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :
1.(a) राजनीति सिद्धान्त के अध्ययन के दार्शनिक उपागम को समझाइये ।
1.(b) बहु- सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में समानता तथा उदारवाद के मध्य सम्बन्ध पर टिप्पणी लिखिए ।
1.(c) शक्ति पर मैक्फर्सन के दृष्टिकोण को समझाइये |
1.(d) इतालवी और जर्मन ब्रांड के फासीवाद के बीच अन्तर का उल्लेख कीजिए ।
1.(e) लोकतंत्र के अभिजन सिद्धान्त को संक्षेप में समझाइये ।
2.(a) राज्य का मार्क्सवादी एवं उदारवादी परिप्रेक्ष्य क्या है ? दोनों के बीच के सैद्धांतिक अन्तर किन आधारों पर स्थापित हैं ? व्याख्या कीजिए ।
2.(b) कार्ल पौपर खुले समाज की अपनी दुश्मनों के खिलाफ एक बचाव प्रस्तुत करते हैं। विस्तार से बताइये ।
2.(c) रॉल्स ने अपनी वितरणात्मक न्याय की अवधारणा के विकास में उदारवादी और समतावादी दृष्टिकोण का किस प्रकार उपयोग किया है ? वर्णन कीजिए ।
3.(a) राजनीतिक सिद्धांत के अध्ययन के व्यवहारवादी एवं संस्थावादी उपागम का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए ।
3.(b) ” राज्य ने वैयक्तिकता का अन्त करके मानव सभ्यता की गम्भीर हानि की है, जो कि हर विकास का आधार है। ” – महात्मा गाँधी । स्पष्ट कीजिए ।3. (c) ‘व्यक्तिगत ही राजनीतिक है’ । यह नारा किस प्रकार से महिलाओं के शोषण और भेदभाव को संसूचित करता है ? वर्णन कीजिए ।
4.(a) लॉक की संविधानवाद, स्वतंत्रता एवं सम्पत्ति की अवधारणा से पश्चिमी लोकतंत्र को आकार दिया गया है । वर्णन कीजिए ।
4.(b) हाना आरेन्ट ने वीटा एक्टिवा की कुछ श्रेणियों का विश्लेषण किया था । स्पष्ट कीजिए ।
4. (c) क्या आप मानते हैं कि सहमति प्राप्त वैधता अथवा मतारोपण से निर्मित वैधता राजनीतिक शासन को बनाए रखने के लिए एक आवश्यक तत्व है ? अपने उत्तर को उपयुक्त उदाहरणों के द्वारा स्पष्ट करें।
खण्ड ‘B’
5. निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :
5. (a) 1857 के पश्चात् और स्वतंत्रता से पहले के किसान आंदोलनों को संक्षिप्त में समझाइये
5.(b) भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के दलित परिप्रेक्ष्य पर टिप्पणी लिखिए |
5.(c) भूमि सुधार कार्यक्रमों के कारण कुछ संवैधानिक संशोधन हुए । टिप्पणी कीजिए ।
5.(d) 2019 के पश्चात् जम्मू और काश्मीर में बदलते राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों को रेखांकित कीजिए ।
5.(e) राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग अपने उद्येश्यों को प्राप्त करने में कहां तक सफल हुआ है ? टिप्पणी कीजिए ।
6.(a) संसदीय समितियां विधायी प्रक्रिया के लिए अनिवार्य हैं । यह संसद के दोनों सदनों के बीच पारस्परिक परागण (क्रॉस – पॉलिनेशन) के अवसर प्रदान करती हैं । विवेचन कीजिए ।
6.(b) भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के सलाहकारी क्षेत्राधिकार की प्रकृति तथा संवैधानिक प्रावधानों का परीक्षण कीजिए। अपने उत्तर का समुचित उदाहरणों द्वारा मूल्यांकन कीजिए ।
6.(c) भारतीय राजनीति में हाल में हुए परिवर्तनों ने संघवाद की भावना को भारत से विनष्ट नहीं होने दिया है । इस कथन का समुचित उदाहरणों द्वारा आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए ।
7.(a) राजनीतिक विकेन्द्रीकरण की प्रक्रिया में स्थानीय शासन में महिलाओं की भागीदारी की बाधाओं को स्पष्ट कीजिए ।
7. (b) भारत में राजनीतिक सक्रियता के लिये जाति एक महत्वपूर्ण धुरी बनी हुई है । जाति जनगणना लोगों की आकांक्षाओं को कैसे पूरा करेगी ? विवेचना कीजिए ।
7.(c) भारत के निर्वाचन आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त एवं चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर बहस चल रही है। इसके विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण कीजिए ।
8.(a) जनसंख्या जनगणना -2027 कराने के निर्णय ने भारत में परिसीमन पर बहस को फिर से शुरु कर दिया है । इसके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कीजिए ।
8.(b) परीक्षण कीजिए कि किस प्रकार योजना एवं आर्थिक विकास के नेहरूवादी दृष्टिकोण ने, भारत में आर्थिक नियोजन के आरिम्भक चरण में, आधुनिक भारत के आर्थिक विकास की नींव डाली थी ।
8.(c) सोदाहरण समझाइए कि किस प्रकार भारत में राजनीतिक दलों ने ऐतिहासिक रूप से वंचित वर्ग को राजनीति की मुख्यधारा में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।
UPSC Political Science (PSIR) Optional Question Paper 2024: प्रश्न पत्र II
खण्ड- A
1. निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :
(a) तुलनात्मक राजनीति के अध्ययन के लिए मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण पर चर्चा कीजिए ।
(b) नव-उदारवाद ने नव – यथार्थवाद की अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के अंधकारमयी दृष्टिकोण को प्रकाशमान किया। टिप्पणी कीजिए ।
(c) खाद्य एवं पर्यावरणीय खतरों के संदर्भ में गैर – पारम्परिक सुरक्षा संकटों की व्याख्या कीजिए ।
(d) खुले तथा बन्द समाज में राजनीतिक समाजीकरण की चर्चा कीजिए ।
(e) नारीवादी अधिकारों के संदर्भ में लाल लिपस्टिक आंदोलन पर टिप्पणी कीजिए ।
2. (a) वर्तमान विश्व ‘लोकतांत्रिक पतन’ तथा ‘लोकतांत्रिक प्रतिक्रिया’ की दोहरी प्रक्रिया से गुज़र रहा है। आप इस विरोधाभास को कैसे समझाएँगे?
(b) विश्व स्वास्थ्य संगठन से संयुक्त राज्य अमेरिका के हट जाने से वैश्विक स्वास्थ्य पर दूरगामी प्रभाव आने निश्चित हैं। मौजूदा डब्ल्यू० एच० ओ० की पुनर्कल्पना करना वैश्विक स्वास्थ्य एजेंडा के लिए महत्त्वपूर्ण है। विवेचना कीजिए ।
(c) बहुराष्ट्रीय अभिनेताओं ने अपनी नवीन अंतर्दृष्टि और कार्यों के माध्यम से दुनिया को गुणात्मक रूप से बदल दिया है । अपने उत्तर को उपयुक्त उदाहरणों से स्पष्ट कीजिए ।
3. (a) हाल के समय में केन्द्रवादी और वामपंथी राजनीतिक दलों को असफलताओं का सामना करना पड़ रहा है, जबकि दक्षिणपंथी दल विश्व भर में बढ़त हासिल कर रहे हैं। टिप्पणी कीजिए ।
(b) सामूहिक सुरक्षा और सुरक्षा की जिम्मेदारी ( R2P) समान हैं किन्तु कार्यक्षेत्र, लक्ष्य तथा पद्धति में भिन्न हैं। समझाइए ।
(c) वैश्वीकरण का वैश्विक दक्षिण-संवेदनशील प्रतिमान, अति-केन्द्रित वैश्वीकरण के खतरे को रोकेगा। विवेचना कीजिए ।
4. (a) क्षेत्रीय सम्प्रभुता, आर्थिक अखण्डता और वैकल्पिक विकास पर बल देने वाले विभिन्न संगठनों की स्थापना के आधार पर लैटिन अमेरिका ने यू० एस० के नेतृत्व में स्थापित वैश्विक आर्थिक व्यवस्था का विकल्प प्रस्तुत करने में सीमित सफलता प्राप्त की है। चर्चा कीजिए ।
(b) क्षेत्रीय समस्याओं को सम्बोधित करने में ‘आसियान प्लस थ्री’ किस हद तक सफल रहा है? सुस्पष्ट उदाहरणों द्वारा अपने उत्तर को समर्थित कीजिए ।
(c) ” ट्रम्प की व्हाइट हाउस में वापसी यूरोपीय संघ को अपनी रक्षा तथा आर्थिक और तकनीकी पुनरुद्धार में निवेश करने के दबाव के लिए एक झटका है।” टिप्पणी कीजिए ।
खण्ड – B
5. निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :
(a) चीन के बढ़ते प्रभाव और बांग्लादेश में शक्तियों के संतुलन में बड़े बदलाव ने ढाका में भारत के प्रभाव को कमजोर किया है। टिप्पणी कीजिए ।
(b) क्या आप इस तर्क से सहमत हैं कि भारत के ‘अधिक आक्रामक अतियथार्थवादी (हाइपर रिअलिस्ट) दृष्टिकोण’ के प्रति झुकाव ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद एक नई गति प्राप्त कर ली है ? टिप्पणी कीजिए ।
(c) भारत के लिए एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का अर्थ एक बहुध्रुवीय एशिया का होना भी होगा। टिप्पणी कीजिए ।
(d) भारत की गुटनिरपेक्षता के प्रति बढ़ती उदासीनता के बीच क्या गुटनिरपेक्ष आंदोलन का कोई भविष्य है ?
(e) भारत और जापान के बीच ऐतिहासिक संबंध एक ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ में बदल गए हैं। टिप्पणी कीजिए ।
6. (a) स्वतंत्रता के बाद भारतीय विदेश नीति के विभिन्न चरणों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। आपके अनुसार एस० जयशंकर द्वारा वर्तमान चरण का ‘सक्रिय कूटनीति’ के चरण के रूप में वर्गीकरण कितना उचित है ?
(b) भारत उन देशों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखता है जो एक स्वतंत्र और खुली इंडो-पैसिफिक सुनिश्चित करेंगे और दुनिया के बाकी हिस्सों के साथ बेहतर संपर्क की गारंटी देंगे। विश्लेषण कीजिए ।
(c) टैरिफ की धमकियों ने भारत और यूरोपीय संघ को करीब ला दिया है। भारत व ई० यू० की साझेदारी का मूल्यांकन कीजिए ।
7. (a) भारत अपनी समय परखित रणनीतिक आत्मनिर्भरता की नीति संयुक्त राज्य अमेरिका तथा रूस दोनों के साथ संबंधों में जारी रखते हुए कश्मीर मुद्दे पर यू० एस० की मध्यस्थता के प्रस्ताव को अस्वीकार करता है तथा यूक्रेन के साथ चलते युद्ध के लिए रूस की आलोचना करने से इनकार करता है। टिप्पणी कीजिए ।
(b) ट्रम्प द्वारा अनेक देशों पर एकतरफा पारस्परिक शुल्क लगाया जाना डब्ल्यू० टी० ओ० की नियम-ध बहुपक्षीय वैश्विक व्यापार व्यवस्था के भविष्य को संभावित खतरा पहुँचाता है। डब्ल्यू० टी० ओ० के सदस्यों के पास संगठन को बचाने के कौन-से विकल्प उपलब्ध हैं?
(c) गुटनिरपेक्षता 2-0 भारत की अनोखी आकांक्षा को उजागर करता है कि वह एक वैकल्पिक वैश्विकता का स्थल बने टिप्पणी कीजिए।
8. (a) भारत के किसी भी प्रकार के ‘अस्तित्वीय खतरे’ को समझने की अनिच्छा ने अनिवार्य रूप से परमाणु सुरक्षा के बहुपक्षीय मार्ग को एक ‘डिफॉल्ट विकल्प’ बना दिया था जब तक कि इसने 1998 में परमाणु रूबिकॉन को पार करने का निर्णय नहीं लिया था । परमाणु प्रश्न पर भारत की स्थिति में इस परिवर्तन के कुछ प्रमुख कारणों की पहचान तथा विश्लेषण कीजिए।
(b) भारत की अफ्रीका के प्रति नई रुचि के कुछ मुख्य कारणों पर चर्चा कीजिए जो लम्बे समय में चीन के सापेक्ष तुलनात्मक लाभ विकसित करने में सहायक हो सकते हैं।
(c) भारत, चीन और नेपाल के मध्य त्रिपक्षीय आर्थिक जुड़ाव के सम्भावित चरण को प्रारम्भ करने में भारत की भूमिका पर चर्चा कीजिए ।
