UPSC Political Science (PSIR) Optional Question Paper 2024: प्रश्न पत्र I
खण्ड- A
1. निम्नलिखित प्रत्येक पर लगभग 150 शब्द लिखिए:
(a) राजनीति – विज्ञान का व्यवहारवादी उपागम
(b) राज्य का बहुलवादी सिद्धांत
(c) क्रांति पर लॉक के विचार
(d) उदारवाद का पतन
(e) शक्ति तथा आधिपत्य के बीच संबंध
2. (a) उपयुक्त उदाहरणों सहित ‘राजनीतिक’ शब्द में निहित अर्थों को स्पष्ट कीजिए ।
(b) मार्क्सवाद एक क्रिया-आधारित राजनीतिक सिद्धांत है, जो अपने मूल सिद्धांतों के सख्त अनुपालन की माँग करता है। टिप्पणी कीजिए।
(c) लोकतांत्रिक नागरिकता की समानता और नागरिकों की स्वतंत्रता के बीच संबंध की प्रकृति आर्थिक समानता से प्रभावित होती है। टिप्पणी कीजिए ।
3. (a) मानवाधिकारों पर बहस सार्वभौमिकता और सांस्कृतिक सापेक्षवाद दोनों की सीमाओं के बीच फँसी हुई है। टिप्पणी कीजिए।
(b) विमर्शी लोकतंत्र नागरिकों के मध्य सार्वजनिक मुद्दों के संबंध में लोकतांत्रिक निर्णयन को बढ़ावा देने का प्रयास करता है। विवेचना कीजिए ।
(c) धर्मशास्त्र व्यक्तियों और समुदायों के लिए कर्तव्य- केन्द्रित विश्व दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है । टिप्पणी कीजिए ।
4. (a) वैधता राजनीतिक सत्ता और दायित्व में सकारात्मक मूल्य जोड़ती है। विवेचना कीजिए ।
(b) प्लेटो के रूपों के सिद्धांत का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए ।
(c) मानवेन्द्रनाथ रॉय ने अपने राजनीतिक विचारों में मार्क्सवाद के मानवतावादी पहलुओं को विशिष्ट रूप से दर्शाया है। विवेचना कीजिए |
खण्ड – B
5. निम्नलिखित प्रत्येक पर लगभग 150 शब्द लिखिए:
(a) भारतीय संविधान में संवैधानिक नैतिकता
(b) संविधान सभा का उद्देश्य संकल्प
(c) भारतीय संविधान के भाग III में विधिक उपचार
(d) विधान परिषद् की प्रासंगिकता
(e) अरक-विरोधी आन्दोलन में महिलाओं की भूमिका
6. (a) आप कहाँ तक सहमत हैं कि संविधान की उद्देशिका में उल्लिखित सामाजिक-आर्थिक न्याय को पूरा करने में राज्य के नीति निदेशक तत्त्व मौलिक अधिकारों से अधिक मौलिक हैं?
(b) राष्ट्रीय महिला आयोग की संरचना तथा कार्यों को स्पष्ट कीजिए ।
(c) योजना आयोग की विरासत का भारत की विकास नीतियों पर अभी भी प्रभाव दिखता है। विवेचना कीजिए ।
7. (a) स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान भारतीय समाज में समतावाद की स्थापना में दलित संघर्ष के योगदान की विवेचना कीजिए ।
(b) ग्राम स्वराज की रूप-रेखा, नियोजन पर गाँधीवादी दृष्टिकोण को समझने की कुंजी है। विवेचना कीजिए ।
(c) सरकार की निर्णयन प्रक्रिया में दबाव समूहों की भूमिका का आलोचनात्मक आकलन कीजिए ।
8. (a) भारत में पर्यावरणीय शासन को आकार देने में पर्यावरणीय आन्दोलनों की भूमिका की विवेचना कीजिए ।
(b) ” सापेक्षिक वंचना नृजातीय संघर्ष का एक मुख्य स्रोत है।” उपयुक्त उदाहरणों सहित इस कथन को विस्तार से समझाइए ।
(c) पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम सभा एक ऐसा मंच है, जो लोगों की सामूहिक बुद्धिमत्ता, आकांक्षाओं और इच्छा को अभिव्यक्त करता है। टिप्पणी कीजिए ।
UPSC Political Science (PSIR) Optional Question Paper 2024: प्रश्न पत्र II
खण्ड- A
Q1. निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :
(a) तुलनात्मक राजनीति के अध्ययन के व्याख्यात्मक दृष्टिकोण की चर्चा कीजिए ।
(b) विश्व-व्यवस्था सिद्धांत के केन्द्रीय तत्त्वों की व्याख्या कीजिए ।
(c) रूस के वर्तमान शासन की विस्तारवादी प्रवृत्ति उसके सोवियत जमाने जैसा महा रूस बनाने के इरादों का संकेत देती है। टिप्पणी कीजिए ।
(d) अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों के अध्ययन के लिए आदर्शवादी दृष्टिकोण के विभिन्न पहलुओं की व्याख्या कीजिए। इस दृष्टिकोण की समसामयिक प्रासंगिकता पर टिप्पणी कीजिए ।
(e) बदलती विश्व व्यवस्था तथा चल रहे क्षेत्रीय संघर्षों ने, साथ ही वैश्विक शक्तियों का इनमें पक्ष लेना, निरस्त्रीकरण के लिए पहले हुई प्रगति को खतरे में डाल दिया है। टिप्पणी कीजिए।
Q2. (a) “विवैश्वीकरण वैश्वीकरण को विस्थापित कर रहा है।” टिप्पणी कीजिए ।
(b) उन्नत पूँजीवादी अर्थव्यवस्थाओं में उत्तर-आधुनिक राज्य की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं ? विश्लेषण कीजिए ।
(c) नाफ्टा की क्या खामियाँ थीं ? संयुक्त राज्य अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते द्वारा इसके प्रतिस्थापन ने उनका प्रतिकार कैसे किया ? व्याख्या कीजिए ।
Q3. (a) विश्व के विभिन्न देशों में महिलाओं के दैहिक अधिकारों के संबंध में हाल ही के प्रमुख सामाजिक आंदोलनों की चर्चा कीजिए ।
(b) विकासशील समाजों में लोकतन्त्र के पोषण एवं स्थायीकरण में राजनीतिक दलों की भूमिका का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए ।
(c) क्या आप इस विचार से सहमत हैं कि यू. एस. ए. संसार में अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए रणनीति के पारम्परिक उपकरण के रूप में नाटो का उपयोग करता है ?
Q4. (a) “ग्राम्शी द्वारा प्रतिपादित आधिपत्य सिद्धांत वैश्विक शक्ति की प्रकृति में कई मूल्यवान अन्तर्दृष्टि प्रदान करता है।” टिप्पणी कीजिए ।
(b) व्यापार बाधाओं एवं आर्थिक प्रतिबंधों की वापसी ने GATT की भावना को क्षीण कर दिया है । इस संदर्भ में, वर्तमान समय में WTO की अवनति के लिए योगदान देने वाले कारकों की चर्चा कीजिए ।
(c) क्या आप इस विचार से सहमत हैं कि ई. यू. क्षेत्रीय समन्वयन प्रक्रिया में अब तक का सबसे सफल प्रयोग प्रमाणित हुआ है ? इसकी सफलताओं तथा हाल ही में उसके सम्मुख आई कुछ चुनौतियों स्पष्टीकरण कीजिए ।
खण्ड- B
Q5. निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :
(a) “वीटो के अधिकार के बिना स्थायी सदस्य बनने के स्थान पर भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् का अर्ध-स्थायी सदस्य बनने का प्रयास करना चाहिए।” टिप्पणी कीजिए ।
(b) ऐतिहासिक रूप से भूटान भारत का मित्र रहा है, परंतु चीन-भूटान के सीमा संबंधी मुद्दे भारत के लिए सुरक्षा के मुद्दे बन गए हैं। चर्चा कीजिए ।
(c) “जब तक भारत डब्ल्यू.टी. ओ. की वार्ताओं में सक्रिय भागीदारी नहीं करता, तब तक कोई प्रगति नहीं होगी।””
डब्ल्यू.टी.ओ. में भारत के बढ़ते दबदबे के प्रमुख कारणों पर चर्चा कीजिए ।
(d) “एशिया-प्रशांत” रणनीति को नई शब्दावली “भारत-प्रशांत” रणनीति से प्रतिस्थापित करने के पीछे के तर्क पर चर्चा कीजिए ।
(e) गहरे संबंधों के बावजूद, चीन द्वारा श्रीलंका में निवेश एवं आर्थिक प्रभुत्व के बढ़ते प्रभाव भारत और श्रीलंका के संबंधों में तनाव देखा गया है। विश्लेषण कीजिए ।
Q6. (a) क्या आप इस विचार से सहमत हैं कि हाल में भारत की विदेश नीति नेहरूवाद से नवउदारवाद की ओर संक्रमण की स्थिति में है ? उचित उदाहरणों की सहायता से अपने उत्तर का समर्थन कीजिए ।
(b) क्या भारत और चीन के बीच बढ़ते टकराव को देखते हुए 21वीं सदी के ‘एशियाई सदी’ होने का विचार संभव प्रतीत होता है ?
(c) 21वीं सदी में एक नई अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था स्थापित करने के लक्ष्य को साकार करने में वैश्विक दक्षिण के नेता के रूप में भारत की संभावित भूमिका पर चर्चा कीजिए ।
Q7. (a) आसियान और बिम्सटेक जैसे अन्य क्षेत्रीय समूहों पर भारत के बढ़ते फोकस / संकेन्द्रण के आलोक में सार्क के भविष्य पर चर्चा कीजिए ।
(b) वास्तविक परमाणु शक्ति के रूप में मान्यता प्राप्त होने के बावजूद परमाणु अप्रसार संधि (एन.पी.टी.) पर हस्ताक्षर करने से भारत के लगातार इनकार का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए ।
(c) “भारत और यू.एस.ए. इतने सशक्त रणनीतिक साझेदार बन गए हैं कि उन्हें औपचारिक सहयोगी बनने की आवश्यकता नहीं है ।” टिप्पणी कीजिए ।
Q8. (a) चल रहे इज़राइल-हमास युद्ध के मद्देनजर भारत की फिलिस्तीन नीति में निरंतरता और परिवर्तन का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए ।
(b) उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की जटिल नृजातीय-राजनीतिक गतिशीलता पर भारत सरकार द्वारा म्यांमार के साथ मुक्त आवागमन व्यवस्था (फ्री मूवमेन्ट रिजीम ) को समाप्त करने के आशय पर चर्चा कीजिए ।
(c) “ भारत ने हाल में, बहु-संरेखण की अपनी खोज में गुटनिरपेक्षता को खारिज करने का विकल्प चुना है।” टिप्पणी कीजिए ।
